किशोर ने केन्द्र व राज्य सरकारों पर पूर्ववर्ती टिहरी राज्य की उपेक्षा का लगाया आरोप

नई टिहरी। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने अमर शहीद श्री श्रीदेव सुमन की पुण्यतिथि पर केन्द्र व राज्य सरकारों पर पूर्ववर्ती टिहरी राज्य की उपेक्षा का आरोप लगाया है।
उपाध्याय ने कहा कि राजनैतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक क्षेत्र में आज़ादी के इतने दिनों के बाद भी पूर्ववर्ती टिहरी राज्य की शक्ति को निहित राजनैतिक स्वार्थों के लिये भौगौलिक रूप से छिन्न-भिन्न किया गया। टिहरी राज्य को भौगोलिक और प्रशासनिक रूप से भी छिन्न-भिन्न किया गया।
विगत लोकसभा क्षेत्रों के परिसीमन में जहाँ-जहाँ टिहरी राज्य के निवासियों का प्रभाव था, उसे छिन्न-भिन्न कर दिया गया। नई टिहरी में लोकसभा चुनाव का नामांकन होता था, उसे भी यहाँ से दूसरी जगह कर दिया गया। यहाँ तक कि विधान सभा क्षेत्रों के क्रम को भी बदला गया।
जब-जब टिहरी राज्य से नेतृत्व की संभावनाएं बनीं, उनको क़त्ल कर दिया गया। स्थानीय नेतृत्व की जगह ग्राफ़्टिंग कर दी गयी।
राज्य के विलय के समय जो वादे किये गये थे, एक भी वादा पूरा नहीं किया गया। टिहरी बांध निर्माण के समय किये गये वादों को भी तिलांजलि दे दी गयी।
बीर गब्बर सिंह, श्रीदेव सुमन, त्रेपन सिंह नेगी, मोलू सिंह भरदारी, इन्द्रमणि बडोनी, विश्वेश्वर दत्त सकलानी, सुन्दरलाल बहुगुणा जैसी महान शक्तियां जिस धरती ने पैदा की हों, उस धरती की उपेक्षा को कब तक बर्दाश्त करेंगे?
जिस धरती ने माँ गंगा-यमुना जैसी बेटियां पैदा की हैं, उस धरती के लोग मूक क्यों हो गये हैं?
बछेंद्री पाल जैसी बेटी की जन्मदात्री धरती आज क्लांत और शांत क्यों है?
इन प्रश्नों पर विचार अगर करेंगे तो यही श्रीदेव सुमन जी की पुण्यतिथि पर सच्ची श्रद्धांजलि होगी। संभवतः अगर हमारी स्थिति भूटान जैसी होती तो टिहरी सबसे सुखी और सम्पन्न राज्य होता।