इंटीग्रेटेड रोड़ दुर्घटना डेटाबेस एप (iRAD) से संबधित विषयों का दिया प्रशिक्षण

Garhninad Desk
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चमोली 31 जुलाई,2023। सड़क दुर्घटनाओं के वास्तविक कारणों के विश्लेषण के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार द्वारा बनाए गए इंटीग्रेटेड रोड़ दुर्घटना डेटाबेस एप (iRAD) का जनपद में विभिन्न विभागीय कार्मिको को प्रशिक्षण दिया गया। यह एप सड़क दुर्घटनाओं की लाइव लोकेशन को कैप्चर करता है। इससे ब्लैक स्पॉटों पर सुरक्षात्मक कार्य करते हुए संभावित दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है।

चमोली सूचना विज्ञान केन्द्र में आई-रेड एप मैनेजर दीपक सिंह रावत ने बताया कि पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य और सड़क निर्माण से जुड़े विभागीय कार्मिकों को इंटीग्रेटेड रोड़ दुर्घटना डेटाबेस एप (iRAD) से संबधित विषयों का प्रशिक्षण दिया गया है। विभागों को समय समय पर आवश्यक तकनीकी सहयोग भी प्रदान किया जा रहा है।

क्या है आई- रेड  एप
आई-रेड एप की सहायता से दुर्घटना डाटा का विश्लेषण कर इसके कारणों एवं स्थानों का पता लगाया जा सकता है। डाटा विश्लेषण के आधार पर दुर्घटनाओं को रोकने के बारे में योजना बनाने में बहुत सुविधा मिलती है। इस ऐप के माध्यम से कम से कम समय में सड़क दुर्घटना के कारणों को विश्लेषित किया जा सकता है। आई-रेड के समुचित उपयोग से संबधित विभागों को सही जानकारी प्राप्त होती है। इसके अन्तर्गत पुलिस, परिवहन, स्वास्थ्य और सड़क निर्माण से संबधित विभाग इससे जुड़े हुए रहेंगे। आई-रेड से उत्तराखंड परिवहन का वाहन एप इंट्रीग्रेटेड रहेगा। इस एप में वाहन का नंबर अंकित करते ही पूरी जानकारी एप्लीकेशन उपयोगकर्ता को मिल जाएगी।

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