भगवान श्री राम भारत की मर्यादा एवं प्रतिष्ठा के प्रतीक हैं : डॉक्टर घिल्डियाल

Garhninad Desk
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देहरादून 18 अक्टूबर । उपनिदेशक शिक्षा एवं संस्कृत शिक्षा डॉ चंडी प्रसाद घिल्डियाल ने कहा है ,कि भगवान श्री राम भारत की मर्यादा एवं प्रतिष्ठा के स्वरूप है, और उनकी लीलाएं युगों तक पूरे वैश्विक समाज का मार्गदर्शन करती रहेगी।

डॉ चंडी प्रसाद घिल्डियाल देहरादून धर्मपुर सुमन नगर में पर्वतीय रामलीला कमेटी द्वारा आयोजित श्री रामलीला के मंचन का धनुष यज्ञ लीला के साथ शुभारंभ के अवसर पर बोल रहे थे, उन्होंने कहा कि एकमात्र हिंदू धर्म है जिसमें एक के बाद एक उत्साह और पर्व मनाए जाते हैं, अभी रामलीला चल रही है कुछ दिन बाद दीपावली दीपों का त्यौहार आ जाएगा इसी प्रकार लगातार कुछ ना कुछ त्योहार हमारी सनातन संस्कृति में चलते रहते हैं ,इसलिए हमारी संस्कृति आदिकाल से जीवंत चल रही है।

कार्यक्रम में सपरिवार पहुंचे सहायक निदेशक ने कहा कि बच्चों को इस प्रकार के कार्यक्रम अवश्य दिखाने चाहिए इससे उनके अंदर देश की सभ्यता और संस्कृति के प्रति मूलभूत प्रेम की भावना जागृत होती है।

उपनिदेशक डॉक्टर चंडी प्रसाद घिल्डियाल ने ठीक समय पर मंच पर पहुंचकर दीप प्रज्वलित कर रामलीला के मंचन का मुख्य अतिथि के रूप में विधिवत शुभारंभ किया, उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा महावीर सिंह बिष्ट ने की।

अतिथियों के मंच पर पहुंचने पर पर्वतीय रामलीला कमेटी के अध्यक्ष जगत सिंह बिष्ट एवं महासचिव मदन मोहन जोशी कोषाध्यक्ष कैलाश पाठक एवं नगर निगम के सभासद अनूप नौडियाल उपस्थित उत्तराखंड सचिवालय संघ के पदाधिकारियों ने उनका फूल माला एवं स्मृति चिन्ह देकर भव्य स्वागत किया।

मंचन में आज राजाओं ने धनुष को तोड़ने का प्रयास किया उनके असफल रहने पर भगवान श्री राम ने धनुष तोड़ा उसके बाद परशुराम लक्ष्मण संवाद ने मुख्य अतिथि सहित सैकड़ो की संख्या में उपस्थित दर्शकों को रात्रि 1:00 बजे तक बांधे रखने पर विवश कर दिया।

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