उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र द्वारा पादप ऊतक संवर्धन प्रयोगशाला का उद्घाटन

Garhninad Desk
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ऋषिकेश, 25 नवंबर 2024। उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र (यूसर्क) के अंतर्गत पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर, श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय, ऋषिकेश में आज पादप ऊतक संवर्धन प्रयोगशाला (Tissue Culture Lab) का भव्य उद्घाटन किया गया। इस प्रयोगशाला का वित्त पोषण यूसर्क, देहरादून, और उत्तराखंड शासन द्वारा किया गया है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि, उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने आवश्यक कार्य के कारण दूरभाष के माध्यम से शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एन.के. जोशी ने की। यूसर्क की निदेशक प्रो. अनीता रावत, संकायाध्यक्ष विज्ञान और नोडल अधिकारी यूसर्क प्रो. गुलशन कुमार ढींगरा, कला संकायाध्यक्ष प्रो. डी.सी. गोस्वामी, और यूसर्क के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. ओ.पी. नौटियाल ने संयुक्त रूप से लैब का उद्घाटन किया।
डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने अपने संदेश में इस लैब की स्थापना को विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए एक सराहनीय पहल बताया और कहा कि यह प्रयोगशाला छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए अत्यंत लाभकारी होगी।
इस मौके पर कुलपति प्रो. एन.के. जोशी ने कहा कि पादप ऊतक संवर्धन प्रयोगशाला से शोध और अध्ययन में नई संभावनाएं खुलेंगी। उन्होंने यूसर्क के सहयोग के लिए निदेशक प्रो. रावत का आभार प्रकट करते हुए कहा कि यह लैब छात्रों और शोधकर्ताओं को आधुनिक तकनीकों से अवगत कराएगी।
प्रो. अनीता रावत ने कहा कि यह यूसर्क की 11वीं लैब है, और इसका उद्देश्य छात्रों और किसानों के कौशल को विकसित करना है। उन्होंने छात्रों से इस प्रयोगशाला का अधिकतम उपयोग करने की अपील की।
प्रो. गुलशन कुमार ढींगरा ने बताया कि इस लैब में छात्रों के लिए सर्टिफिकेट और डिप्लोमा पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे, जिससे उनके रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने इस लैब के उद्देश्यों में पौधों की उत्पादकता बढ़ाने और उनकी बीमारियों के अध्ययन को महत्वपूर्ण बताया।
डॉ. ओ.पी. नौटियाल ने जानकारी दी कि इस प्रयोगशाला में आधुनिक उपकरण और रसायन उपलब्ध हैं। यह न केवल विश्वविद्यालय के छात्रों बल्कि आसपास के कॉलेजों के लिए भी उपयोगी साबित होगी।

इस अवसर पर कला संकायाध्यक्ष प्रो. डी.सी. गोस्वामी, परिसर निदेशक प्रो. एम.एस. रावत, और विभिन्न विभागों के प्रोफेसर, फैकल्टी, और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

यह लैब विज्ञान और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी और क्षेत्रीय विकास में एक नई दिशा प्रदान करेगी।

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