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गुरु कैलापीर देवता का तीन दिवसीय मेला प्रारंभ

Govind Pundir
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विधायक शक्तिलाल ने मेले का शुभारंभ कर सांस्कृतिक धरोहर पर दिया जोर

पहले दिन देवता के निशान के साथ ऐतिहासिक दौड़ का आयोजन

टिहरी गढ़वाल 01 दिसंबर 2024। विधानसभा घनसाली अंतर्गत बूढ़ाकेदार में गुरु कैलापीर देवता का तीन दिवसीय मेला रविवार को शुरू हुआ। पहले दिन मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद दोपहर करीब एक बजे गुरु कैलापीर देवता का निशान मंदिर से बाहर लाया गया। निशान के साथ ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों की धुन पर पुंडारा सेरा के खेतों की ओर रुख किया, जहां देवता के निशान के साथ दौड़ लगाई गई। इस ऐतिहासिक दौड़ को देखने और उसमें शामिल होने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों और गांव से बाहर रहने वाले लोग भी पहुंचे।

विधायक घनसाली शक्तिलाल शाह ने मेले का शुभारंभ करते हुए इसे क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक बताया। उन्होंने विकास कार्यों को प्राथमिकता देने और आपदा प्रभावित गांवों के त्वरित समाधान का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित को ग्रामीणों ने आपदा से प्रभावित लोगों के लिए सुविधाओं और मुआवजे की मांग से अवगत कराया।

खेतों में सात चक्कर लगाकर संपन्न हुई यह दौड़ मेले का मुख्य आकर्षण रही। ग्रामीणों का विश्वास है कि इस दौड़ से फसलों की उपज में वृद्धि होती है। अंतिम दौड़ के बाद देवता को पुआल चढ़ाया गया और निशान को मंदिर में विराजमान किया गया। दौड़ के दौरान घरों की छतों और आंगनों में दर्शकों की भारी भीड़ रही। इस अवसर पर ऑस्ट्रेलिया, जापान, और अमेरिका जैसे देशों से आए प्रवासी ग्रामीण भी शामिल हुए।

मेले में स्थानीय और बाहरी दुकानदारों ने अपनी दुकानें सजाई, जहां बच्चों और महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए होमगार्ड और राजस्व टीम तैनात थी। सांयकाल में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। आयोजन में बूढ़ाकेदार मंदिर समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र नेगी, प्रधान सनोप राणा, रामानुज बहुगुणा, सुशील सेमवाल, गोपेश्वर प्रसाद जोशी, हिम्मत रौतेला, पूर्व प्रधान धीरेंद्र नौटियाल, ऋषबदेव बहुगुणा, मुकेश नाथ और जयप्रकाश राणा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।


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*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
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