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जलवायु परिवर्तन के दौर में वन स्वास्थ्य के लिए नई निगरानी तकनीकों पर संगोष्ठी

जलवायु परिवर्तन के दौर में वन स्वास्थ्य के लिए नई निगरानी तकनीकों पर संगोष्ठी
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देहरादून, 24 मार्च 2025। वन पारिस्थितिकी एवं जलवायु परिवर्तन प्रभाग (FE&CC), वन अनुसंधान संस्थान (FRI), देहरादून ने भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (ICFRE) के तहत आज एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया।

“जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच वन स्वास्थ्य बनाए रखने हेतु पर्यावरणीय निगरानी में नवीन प्रवृत्तियाँ” विषय पर आधारित यह कार्यक्रम FRI परिसर के बोर्ड रूम में संपन्न हुआ।संगोष्ठी की शुरुआत डॉ. पारुल भट्ट कोटियाल, वैज्ञानिक-एफ एवं FE&CC प्रभाग की प्रमुख, के स्वागत भाषण से हुई।

मुख्य अतिथि डॉ. रेनू सिंह, IFS, निदेशक, FRI ने अपने उद्घाटन संबोधन में जलवायु परिवर्तन के वनों पर बढ़ते प्रभावों को रेखांकित किया और प्रभावी निगरानी तकनीकों की जरूरत पर जोर दिया। उद्घाटन सत्र का समापन डॉ. अभिषेक के. वर्मा, वैज्ञानिक-सी, FE&CC प्रभाग के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ।

इस संगोष्ठी में देश भर से 70 से अधिक वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और परियोजना सहयोगियों ने हिस्सा लिया। प्रो. पी.के. जोशी (जेएनयू), प्रो. सुरेन्द्र सिंह सुथार (दून विश्वविद्यालय), डॉ. राजेश सिंह (राष्ट्रीय जल संस्थान, रुड़की) और डॉ. बिष्णु प्रसाद साहू (FRI) जैसे प्रख्यात विशेषज्ञों ने जलवायु परिवर्तन, सूक्ष्म प्लास्टिक, जल गुणवत्ता और वायु प्रदूषण निगरानी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार साझा किए।कार्यक्रम में एक पोस्टर प्रस्तुति सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें युवा शोधार्थियों ने अपने नवीन शोध प्रस्तुत किए। इनमें से तीन सर्वश्रेष्ठ पोस्टरों को पुरस्कृत किया गया।

समापन सत्र में विशेषज्ञों ने भविष्य की कार्ययोजनाओं पर चर्चा की और सहभागिता व अनुसंधान सहयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।


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Garhninad Desk

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