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मुख्यमंत्री धामी का बड़ा शैक्षिक प्रस्ताव: टिहरी हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज को बनाया जाए IIT रुड़की का हिल कैंपस

Garhninad
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देहरादून/टिहरी गढ़वाल। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में तकनीकी शिक्षा के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए टिहरी हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज (टीएचडीसी) को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रुड़की का हिल कैंपस बनाए जाने का प्रस्ताव भारत सरकार के समक्ष रखा है। इस संबंध में मुख्यमंत्री द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान को औपचारिक पत्र भेजा गया है।

मुख्यमंत्री ने पत्र में उल्लेख किया है कि देश की नीति के अनुसार प्रत्येक राज्य में एक ही IIT स्थापित है तथा वर्तमान में उत्तराखंड में नए IIT की स्थापना अथवा किसी अन्य संस्थान को IIT में रूपांतरित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। ऐसे में प्रदेश की भौगोलिक एवं शैक्षिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए टिहरी स्थित टीएचडीसी इंजीनियरिंग कॉलेज को IIT रुड़की के हिल कैंपस के रूप में विकसित करना व्यवहारिक और दूरदर्शी कदम होगा।
मुख्यमंत्री धामी ने पत्र में यह भी रेखांकित किया कि टिहरी जनपद में संचालित टीएचडीसी परियोजना के कारण यह क्षेत्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुका है। तकनीकी, ऊर्जा एवं जल संसाधन जैसे क्षेत्रों में यहां व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। ऐसे में उच्चस्तरीय तकनीकी शिक्षा की उपलब्धता से पर्वतीय क्षेत्र के युवाओं को बड़ा लाभ मिलेगा और पलायन पर भी प्रभावी रोक लगेगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार टिहरी हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज को सुदृढ़ रूप से संचालित कर रही है और क्षेत्र को शैक्षिक हब के रूप में विकसित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। यदि IIT रुड़की का हिल कैंपस यहां स्थापित किया जाता है, तो यह न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे हिमालयी क्षेत्र के लिए तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि उपर्युक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए टीएचडीसी इंजीनियरिंग कॉलेज, टिहरी को IIT रुड़की का हिल कैंपस बनाए जाने हेतु आवश्यक स्वीकृति एवं अनुमोदन प्रदान किया जाए।
इस प्रस्ताव को लेकर राज्य के शैक्षिक और बौद्धिक जगत में उत्साह का माहौल है और इसे उत्तराखंड की तकनीकी शिक्षा के भविष्य के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है।


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