टिहरी गढ़वाल। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में मातृत्व स्वास्थ्य एवं राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जन्म-मृत्यु पंजीकरण कार्य की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई।जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ करने, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने तथा जनसामान्य को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद में हुई मातृत्व मृत्यु पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी।
बैठक में प्रस्तुत मामलों की विस्तृत समीक्षा करते हुए प्रत्येक घटना के कारणों का विश्लेषण किया गया तथा पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, उच्च जोखिम गर्भावस्थाओं की समय पर पहचान तथा रेफरल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ जनजागरूकता गतिविधियों को बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत टीबी से हुई मृत्यु के मामलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने समय पर जांच, उपचार की निरंतरता तथा मरीजों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सामुदायिक स्तर पर टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा उपचार के दौरान रोगियों को सहयोग प्रदान करने पर विशेष बल दिया।इसके अतिरिक्त जन्म-मृत्यु पंजीकरण कार्य के अंतर्गत जिला स्तरीय समन्वय समिति (DLCC) की समीक्षा करते हुए पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक सुगम एवं समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए गए। संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर शत-प्रतिशत जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, मुख्य चिकित्साधिकारी श्याम विजय, जिला विकास अधिकारी मो. असलम, सीएमएस अमित राय, डीपीआरओ एम.एम. खान, जिला क्षय रोग अधिकारी जितेन्द्र भण्डारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।




