देव सुमन विश्वविद्यालय में डिजिटल ऑनस्क्रीन मूल्यांकन प्रणाली का शुभारंभ

Govind Pundir
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स्कैनिंग आधारित मूल्यांकन से परीक्षा प्रक्रिया होगी पारदर्शी, सुरक्षित और समयबद्ध- प्रो एन के जोशी, कुलपति

टिहरी/देहरादून। श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय ने उच्च शिक्षा में तकनीकी नवाचार और पारदर्शिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उत्तरपुस्तिकाओं के स्कैनिंग आधारित ऑनस्क्रीन मूल्यांकन कार्य का शुभारंभ कर दिया है। विश्वविद्यालय मुख्यालय में शुरू की गई यह डिजिटल व्यवस्था आगामी समय में परीक्षा मूल्यांकन प्रणाली को अधिक आधुनिक, सुरक्षित और प्रभावी बनाएगी।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एन.के. जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि विश्वविद्यालय से संबद्ध 236 महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए इस नई डिजिटल प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग अत्यंत आवश्यक हो गया है और विश्वविद्यालय इसी दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।

नई ऑनस्क्रीन मूल्यांकन प्रणाली के अंतर्गत उत्तरपुस्तिकाओं को स्कैन कर सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया जाएगा। इसके बाद विषय विशेषज्ञ और शिक्षक अपने अधिकृत लॉगिन आईडी के माध्यम से ऑनस्क्रीन मूल्यांकन कार्य संपन्न करेंगे। इस व्यवस्था से मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, परिणाम घोषित करने में लगने वाला समय कम होगा तथा संपूर्ण कार्य प्रणाली अधिक सुव्यवस्थित और प्रभावी बन सकेगी।
कुलपति प्रो. जोशी ने कहा कि डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली लागू होने से उत्तरपुस्तिकाओं के सुरक्षित संरक्षण और प्रबंधन में भी महत्वपूर्ण सुधार होगा। पारंपरिक व्यवस्था में उत्तरपुस्तिकाओं के परिवहन, रखरखाव और वितरण से जुड़ी कई व्यावहारिक समस्याएं सामने आती थीं, जबकि नई डिजिटल प्रणाली इन चुनौतियों का प्रभावी समाधान प्रदान करेगी। साथ ही प्रत्येक उत्तरपुस्तिका का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहने से भविष्य में सत्यापन और पुनर्परीक्षण की प्रक्रिया भी अधिक सरल और पारदर्शी हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि ऑनस्क्रीन मूल्यांकन प्रणाली शिक्षकों के लिए भी सुविधाजनक सिद्ध होगी, क्योंकि वे डिजिटल माध्यम से अधिक व्यवस्थित ढंग से मूल्यांकन कार्य कर सकेंगे। इससे मूल्यांकन कार्य में तेजी आएगी और विद्यार्थियों को समय पर परीक्षा परिणाम उपलब्ध कराना संभव हो सकेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा मूल्यांकन कार्य से जुड़े शिक्षकों एवं कर्मचारियों को आवश्यक तकनीकी प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है ताकि नई प्रणाली का संचालन सुचारु रूप से किया जा सके।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि संस्था लगातार आधुनिक एवं तकनीक आधारित शैक्षणिक व्यवस्थाओं को अपनाने की दिशा में कार्य कर रही है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और उत्तरदायी परीक्षा प्रणाली उपलब्ध कराना है, जिससे उच्च शिक्षा के क्षेत्र में संस्थान की कार्यक्षमता और विश्वसनीयता को और अधिक मजबूती मिल सके।

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*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
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