विकास, रोजगार और आपदा प्रबंधन पर फोकस, मुख्य सचिव ने लिया फीडबैक
टिहरी पालिकाध्यक्ष मोहन सिंह रावत ने कहा पहले पालिका को जमीन तो हस्तांतरित करें
टिहरी गढ़वाल 5 जून । उत्तराखंड के मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने शुक्रवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार, नई टिहरी में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर जनपद में संचालित विकास योजनाओं, जनसमस्याओं तथा प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में विकास कार्यों की प्रगति, मानसून पूर्व तैयारियों, पलायन, स्वरोजगार, शिक्षा, पेयजल, पर्यटन एवं आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक मंथन हुआ।
मुख्य सचिव ने कहा कि स्थानीय स्तर पर समाधान योग्य मामलों का निस्तारण जिला स्तर पर ही प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को त्वरित राहत मिल सके। उन्होंने मुख्यमंत्री घोषणाओं से संबंधित कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश देते हुए लंबित योजनाओं में तेजी लाने पर जोर दिया।बैठक के दौरान उन्होंने मानसून सीजन को देखते हुए आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की। अधिकारियों को नालों की सफाई, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी तथा आवश्यक संसाधनों और उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मीडिया से बातचीत में मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड में पलायन एक गंभीर चुनौती है, जिसके समाधान के लिए सरकार रिवर्स पलायन की दिशा में कार्य कर रही है। स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर सृजित करने, कृषि, बागवानी तथा पर्यटन क्षेत्रों को बढ़ावा देने और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए विशेष योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
शिक्षा व्यवस्था पर उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में किसी भी विद्यालय को बंद नहीं किया जा रहा है। विद्यालयों को अधिक सुदृढ़ बनाया जा रहा है तथा आवश्यकता के अनुसार शिक्षकों की तैनाती सुनिश्चित की जा रही है।
बैठक में विधायक टिहरी किशोर उपाध्याय ने क्षेत्रीय असमानताओं एवं आरक्षित क्षेत्र विस्तार से जुड़े मुद्दे उठाए। विधायक धनोल्टी प्रीतम सिंह पंवार और विधायक घनसाली शक्ति लाल शाह ने आपदा प्रबंधन के लिए संसाधनों एवं उपकरणों की अग्रिम उपलब्धता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया। विधायक देवप्रयाग विनोद कण्डारी ने पेयजल व्यवस्था तथा रोपवे परियोजनाओं को गति देने की मांग रखी, जबकि दर्जाधारी मंत्री जोत सिंह बिष्ट ने नदी तटीय क्षेत्रों में वैकल्पिक आवागमन व्यवस्था विकसित करने का सुझाव दिया। दर्जाधारी मंत्री विनोद सुयाल ने यात्रा सीजन में देवप्रयाग-ऋषिकेश मार्ग पर बढ़ते यातायात दबाव की समस्या को प्रमुखता से उठाया।
नगर पालिका परिषद नई टिहरी के अध्यक्ष मोहन सिंह रावत ने विस्थापित नई टिहरी शहर की विभिन्न समस्याओं से संबंधित ज्ञापन मुख्य सचिव को सौंपा। रावत ने शहर की आर्थिक चुनौतियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि इतने सालों बाद भी पालिका की अपनी जमीन नहीं है। उन्होंने कहा कि विस्थापित नई टिहरी शहर में आज तक पुनर्वास विभाग द्वारा नगर पालिका को भूमि हस्तांतरित नहीं की गई है। ऐसे में पालिका के पास आय के स्थायी स्रोत विकसित करने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। उन्होंने शासन से शीघ्र भूमि हस्तांतरण की मांग करते हुए कहा कि बिना भूमि के नगर पालिका के लिए राजस्व बढ़ाना और नागरिक सुविधाओं का विस्तार करना कठिन हो रहा है।
वहीं बदरी-केदार मंदिर समिति सदस्य दिनेश डोभाल ने घनसाली नगर पंचायत की भूमि के नियमितीकरण तथा चारधाम यात्रियों को नई टिहरी से जोड़ने के लिए प्रभावी पहल किए जाने की मांग रखी।
नगर निकायों के प्रतिनिधियों ने भी अपने क्षेत्रों की समस्याएं प्रमुखता से रखीं। चम्बा एवं देवप्रयाग नगर पालिकाओं ने पार्किंग सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता बताई, जबकि घनसाली और चमियाला नगर पंचायतों के प्रतिनिधियों ने वन्यजीवों के बढ़ते हमलों से जनजीवन एवं कृषि को हो रहे नुकसान का मुद्दा उठाया। ब्लॉक प्रमुखों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क तथा वन्यजीव प्रबंधन से जुड़ी समस्याओं को सामने रखा।
मुख्य सचिव ने सभी मुद्दों पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों को प्रभावी एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं की सफलता केवल उनके क्रियान्वयन में नहीं, बल्कि जनता, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच निरंतर संवाद, समन्वय और जवाबदेही में निहित है।
बैठक में जनपद के विधायकगण, नगर पालिका अध्यक्ष, नगर पंचायत अध्यक्ष, ब्लॉक प्रमुख, सामाजिक कार्यकर्ता तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।




