दलेर मेहंदी का मंच पर अपमान करना उचित नहीं : स्वामी रसिक महाराज

Govind Pundir
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धार्मिक आयोजन की मर्यादा के साथ अतिथि के सम्मान का भी रखा जाए ध्यान

रायवाला, 20 अक्टूबर। टिहरी गढ़वाल के कुंजापुरी नवरात्र मेले में प्रसिद्ध गायक दलेर मेहंदी के साथ मंच पर हुए घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सनातन धर्म विकास परिषद उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज ने कहा कि किसी कलाकार का सार्वजनिक मंच पर अपमान करना उचित नहीं है। उत्तराखंड की संस्कृति अतिथि देवो भवः की परंपरा पर आधारित है, जिसमें अतिथि का सम्मान सर्वोपरि है।
उन्होंने कहा कि यदि दलेर मेहंदी के व्यवहार या कार्यक्रम को लेकर कोई आपत्ति थी, तो मंत्री सुबोध उनियाल को उन्हें मंच के पीछे बुलाकर शालीनता से समझाना चाहिए था। सार्वजनिक मंच पर किसी आमंत्रित कलाकार को फटकारने से उसकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचती है।
स्वामी रसिक महाराज ने कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में मर्यादा के साथ कलाकारों और अतिथियों के सम्मान का ध्यान रखना भी जरूरी है। यदि कलाकार से कोई त्रुटि हुई हो, तो उसका समाधान संवाद से किया जाना चाहिए। कलाकारों को भी धार्मिक आयोजनों की गरिमा और जनभावनाओं का सम्मान करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सम्मान और अनुशासन एक-दूसरे के पूरक हैं। देवभूमि उत्तराखंड में अतिथि का सम्मान हमारी सांस्कृतिक पहचान है, जिसे बनाए रखना सभी का दायित्व है।

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*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
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