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पीएम ने इंडिया गेट पर बोस की होलोग्राम प्रतिमा का किया अनावरण

Garhninad Desk
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर उनके होलोग्राम स्टैच्यू का उद्घाटन करते हुए कहा कि जल्द यहां पर नेताजी की आदमकद प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी। होलोग्राम प्रतिमा को 30,000 लुमेन 4के प्रोजेक्टर से संचालित किया जाएगा। प्रतिमा का आकार 28 फुट ऊंचा और 6 फुट चौड़ा है। 

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन्होंने भारत की धरती पर पहली आजाद सरकार को स्थापित किया था, हमारे उन नेताजी की भव्य प्रतिमा आज डिजिटल स्वरूप में इंडिया गेट के समीप स्थापित हो रही है। जल्द ही इस होलोग्राम प्रतिमा के स्थान पर ग्रेनाइट की विशाल प्रतिमा भी लगेगी।

प्रधानमंत्री ने इस मौके पर सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार भी बांटे। ये पुरस्कार 2019-2022 के लिए बांटे गए। समारोह के दौरान कुल सात सम्मान बांटे गए। सरकार ने सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन के वार्षिक पुरस्कार की घोषणा की थी। यह पुरस्कार आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में संगठनों और व्यक्तियों की निस्वार्थ सेवा के लिए दिया गया है।

प्रधानमंत्री ने इस मौके पर उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन विभाग को सम्मानित भी किया। उन्होंने 2021 के लिए राजेंद्र कुमार भंडारी को भी आपदा प्रबंधन क्षेत्र में भी सम्मानित किया। वर्ष 2022 में विनोद कुमार वर्मा को आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में सम्मानित किया है, जिन्होंने सिक्किम  में डिजास्टर मैनेजमेंट क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है।

पीएम मोदी ने कहा कि हमारे यहां आपदा प्रबंधन को लेकर लचर रवैया रहा है। गुजरात में भुज में भूकंप के बाद आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में कानून बनाने वाला पहला राज्य बना। बाद में 2005 में तत्कालीन केंद्र सरकार ने गुजरात के कानून की तर्ज पर नया कानून बनाया। आपदा प्रबंधन कानून ने कोरोना के खिलाफ जंग में बेहतरीन कार्य किया है। हमने RRR याने रिलीफ, रेस्क्यू और रिहैबिलिटेशन के क्षेत्र में अथक कार्य किया है। 

प्रधानमंत्री ने कहा, यह वक्त किसी भी आपात स्थिति में लोगों की मदद के लिए काम करने वाले राष्ट्रीय आपदा मोचन बल औऱ राज्यों के आपदा मोचन बल के जवानों की सराहना का है। कहा कि देश ने कोरोना के साथ भूकंप और तूफानों का भी सामना किया है, इस कारण हम आपदाओं के दौरान भी ज्यादा से ज्यादा जानमाल को बचाने में सफल रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसके लिए भारत को सराहना मिल रही है ।


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