ग्रामीणों ने अपने हाथ में लिया अमृत सरोवर का संचालन: सरोवर में की व्यवसायिक गतिविधियों की शुरुआत

टिहरी गढ़वाल 4 जनवरी। विकास खण्ड चम्बा अंतर्गत हेंवल नदी पर नागणी में बने अमृत सरोवर का संचालन अब ग्रामीणों ने अपने हाथ में ले लिया है। उन्होंने सरोवर में व्यवसायिक गतिविधियां शुरू कर दी हैं। क्षेत्र में एक नया पर्यटक स्थल विकसित होने से स्थानीय ग्रामीणों में खुशी सी का माहौल है।
हेंवल घाटी के नागणी में हेंवल नदी व स्यूल गाड़ में बने अमृत सरोवर (मिनी झील) का संचालन जड़धार गांव के ग्रामीणों ने अपने हाथ में ले लिया है। बीते रोज से ग्रामीणों ने झील में व्यावसायिक गतिविधियां शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने स्थानीय शिवालय में पूजा-अर्चना कर ढोल दमाऊ के साथ कुल देवी देवताओं का स्मरण किया। इसके साथ ही लोगों में मिष्ठान वितरित कर अमृत सरोवर में व्यवसायिक गतिविधियां शुरू की।
नगर पालिका परिषद चंबा की अध्यक्ष सुमना रमोला, ज्येष्ठ उप प्रमुख संजय मैठाणी, जिला पंचायत सदस्य विमला खणका आदि ने सरोवर में पैडल वोट चलाकर उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि चंबा से लेकर ऋषिकेश के मध्य नागणी एक ऐसी खूबसूरत जगह है जहां पर अमृत सरोवर बनने से एक नया पर्यटक स्थल विकसित हो गया है और इससे स्थानीय लोगों को लाभ होगा।
इस मौके पर अमृत सरोवर के संचालक उत्तम सिंह जड़धारी व जीत सिंह जड़धारी ने कहा कि झील में पैडल वोट चलाने जैसी गतिविधियों के अलावा यहां जो पर्यटक आएंगे, उनको पारंपरिक खान-पान व पकवान परोसे जाएंगे। बताते चलें कि विकास विभाग द्वारा नदी में अमृत सरोवर का निर्माण करीब 6 माह पूर्व किया गया था, लेकिन उसमें गतिविधियां शुरू नहीं हो पाई थी। आखिरकार ग्रामीणों ने विकास विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर संचालन की जिम्मेदारी खुद ली और आप उनके द्वारा वहां पर व्यावसायिक गतिविधियां शुरू कर दी गई है।
उद्घाटन अवसर पर समाजसेवी व पर्यावरणविद् विजय जड़धारी, कांग्रेसी नेता व पूर्व ज्येष्ठ उप प्रमुख प्रमुख साहब सिंह सजवाण, नरेंद्र रमोला, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष सूरज राणा, प्रधान प्रीति जड़धारी, जिला पंचायत सदस्य सुखपाल सिंह जड़धारी, सभासद शक्ति प्रसाद जोशी, प्रधान राजमती राणा, क्षेत्र पंचायत सदस्य पंकज बरवाण, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य भरत सिंह, पूर्व प्रधान विजयपाल राणा, प्रेमदत्त थपलियाल, सबल सिंह, उप प्रधान कुलदीप थापा, कलम सिंह, अजय सिंह जड़धारी, गुरु प्रसाद डबराल आदि ग्रामीण मौजूद थे।