श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के देवभूमि उद्यमिता केंद्र द्वारा आयोजित उद्यमिता कौशल विकास कार्यक्रम का पांचवां दिन

Garhninad Desk
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ऋषिकेश 2 अप्रैल। श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के देवभूमि उद्यमिता केंद्र द्वारा आयोजित किए गए उद्यमिता कौशल विकास कार्यक्रम का आज पांचवां दिन था। इस दिन नोडल अधिकारी, प्रोफेसर अनिता तोमर ने उद्यमिता कौशल को बढ़ाने के लिए व्यावहारिक ज्ञान का महत्व बताया। उन्होंने विचार किया कि सच्चा सशक्तिकरण ज्ञान से ही उद्यमिता को मिलता है, और इस कार्यक्रम में वह व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करेंगे, आलोचनात्मक सोच को बढ़ावा देंगे और लचीलेपन की भावना पैदा करेंगे जो आपकी उद्यमशीलता यात्रा में मार्गदर्शन प्रदान करेगी।

इस कार्यक्रम में डॉ. नवनीत रावत, एक उद्यमिता विशेषज्ञ, ने उद्यमिता के महत्व को बताया और कहा कि उद्यमिता के लिए कठोर परिश्रम और स्मार्ट वर्क की आवश्यकता होती है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि नई तकनीकों का उपयोग कर अपने उद्यम को आधुनिक और प्रभावी बनाना बहुत महत्वपूर्ण है। इस प्रकार के कार्यक्रम युवाओं के कौशल क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

विश्वविद्यालय के वाईस-चांसलर, प्रोफेसर एन.के. जोशी ने भी इस कार्यक्रम की महत्वता पर चर्चा की और कहा कि इससे छात्रों को नवाचार अवसरों का पता लगाने, समान विचारधारा वाले व्यक्तियों के साथ नेटवर्क बनाने, और अनुभवी और सफल उद्यमियों से अंतर्दृष्टि प्राप्त करने का मंच मिलता है। इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्र आत्मनिर्भर और सशक्त बन सकते हैं, जिससे उनकी निर्भरता कम होगी और वे समाज में अपना नियमित स्थान बना सकेंगे।

परिसर निदेशक प्रोफेसर एम.एस. रावत ने भी इस कार्यक्रम की महत्वता को उजागर किया और कहा कि यह छात्रों को विभिन्न व्यापारिक क्षेत्रों में आवश्यक ज्ञान प्राप्त कराएगा, जो उनके भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को व्यावसायिक दुनिया में सफलता की दिशा में मार्गदर्शन मिलेगा।

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