देहरादून में विश्व मरुस्थलीकरण और सूखे से निपटने के लिए संगोष्ठी का आयोजन

Garhninad Desk
1 Min Read
खबर को सुनें

देहरादून, 18 जून। सतत भूमि प्रबंधन एवं उत्कृष्टता केंद्र, भौमिक विज्ञान अनुशीलन पीठ, देहरादून में “यूनाइटेड फॉर लैंड: हमारी विरासत, हमारा भविष्य” विषय पर विश्व मरुस्थलीकरण और सूखे से निपटने के लिए दिवस के उपलक्ष्य में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में श्रीमती कंचन देवी, महानिदेशक, आईसीएफआरई, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।

भौमिक विज्ञान अनुशीलन पीठ और इसके संस्थानों के डीडीजी, एडीजी, निदेशक, वैज्ञानिक और कर्मचारी गण तथा ग्लोबल साउथ के प्रतिभागियों ने भूमि क्षरण और मरुस्थलीकरण के महत्वपूर्ण मुद्दे को सामूहिक रूप से संबोधित करने के लिए संगोष्ठी (भौतिक और वस्तुतः) में भाग लिया।

तकनीकी सत्र के दौरान, डॉ. मुरली थुम्मारुकुडी (यूएनसीसीडी), डॉ. डी.एन. पांडे (प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं कार्यालय प्रमुख, सेवानिवृत्त, राजस्थान सरकार), प्रोफेसर टोनी सिमंस (यूएनसीसीडी), और डॉ. राजेंद्र डोबाल (कुलपति, एसआरएचयू, देहरादून) ने भूमि क्षरण, मरुस्थलीकरण नियंत्रण और सतत भूमि प्रबंधन के विभिन्न मुद्दों पर वस्तुतः व्याख्यान दिए। कार्यशाला धन्यवाद प्रस्ताव के साथ समाप्त हुई।

Share This Article
error: Content is protected !!