श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय परिसर, ऋषिकेश में हर्षोल्लास से मनाया गया 78वां स्वतंत्रता दिवस

Garhninad Desk
3 Min Read
खबर को सुनें

ऋषिकेश, 15 अगस्त 2024: पंडित ललित मोहन शर्मा श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय परिसर, ऋषिकेश में 78वां स्वतंत्रता दिवस समारोह धूमधाम और देशभक्ति के उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर परिसर के निदेशक प्रो. महावीर सिंह रावत ने देश की आजादी और रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की और विश्वविद्यालय परिसर के प्रांगण में ध्वजारोहण किया।

अपने संबोधन में प्रो. रावत ने सभी को 78वीं स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए कहा, “आज हम स्वतंत्रता की 78वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। यह उस आजादी का जश्न है, जिसे हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने 200 वर्षों के संघर्ष के बाद प्राप्त किया था। इसी दिन भारत ने ब्रिटिश हुकूमत की बेड़ियों से मुक्ति पाई थी। हम आज अपने महान क्रांतिकारियों के बलिदान को याद कर उन्हें नमन करते हैं।”

प्रो. रावत ने इस वर्ष की स्वतंत्रता दिवस की आधिकारिक थीम ‘विकसित भारत’ पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह थीम 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र में बदलने के सरकार के दृष्टिकोण का प्रतीक है। ‘विकसित भारत’ का उद्देश्य बुनियादी ढांचे, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, और स्वास्थ्य सेवा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में समग्र विकास करना है। इसका मकसद भारत की वैश्विक स्थिति को मजबूत करना और यह सुनिश्चित करना है कि देश के प्रत्येक नागरिक को आर्थिक और सामाजिक प्रगति का लाभ मिले।

समारोह में पहली बार नवनिर्मित विवेकानंद हॉल में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के स्वयंसेवियों और एनसीसी (NCC) के छात्र-छात्राओं द्वारा दी गई सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। इस अवसर पर विज्ञान संकाय के अध्यक्ष प्रो. गुलशन कुमार ढींगरा, डॉ. शिखा मंगाई, प्रो. हेमलता मिश्रा, प्रो. संगीता मिश्रा, प्रो. एस.पी. सती, प्रो. पुष्पांजलि आर्य, प्रो. दिनेश शर्मा, प्रो. सरमन, और डॉ. प्रीति खंडूरी सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

यह समारोह न केवल देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत था, बल्कि इसमें विश्वविद्यालय के समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की भी झलक देखने को मिली। समारोह का समापन एकजुटता और उद्देश्य की भावना के साथ हुआ, जिससे सभी उपस्थित लोगों में राष्ट्रीय भावना का संचार हुआ।

Share This Article
error: Content is protected !!