विरासत का जुनून और प्रकृति की परीक्षा— बारिश के बीच टेंट में घुसा पानी, पर नहीं डिगा प्रदीप थपलियाल का गैरसैंण संकल्प

Govind Pundir
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देहरादून, 20 मार्च 2026। उत्तराखंड की स्थायी राजधानी गैरसैंण की लड़ाई अब केवल सत्ता से नहीं, बल्कि प्रकृति की कठिन परिस्थितियों से भी टकरा रही है। एकता विहार के धरना स्थल पर जारी क्रमिक अनशन के 13वें दिन आज आसमान से बरसती आफत और ठंड के बीच प्रदीप थपलियाल अनशन की वेदी पर बैठे।

भीषण बारिश के कारण धरना स्थल के टेंट के नीचे से पानी घुस गया, गद्दे और बिस्तर जलमग्न हो गए, लेकिन चिह्नित राज्य आंदोलनकारी माँ के बेटे प्रदीप थपलियाल ने घुटने टेकने से साफ़ इनकार कर दिया।

भीषण ठंड और गीले फर्श पर बैठे प्रदीप थपलियाल ने सत्ता के बहरेपन पर प्रहार करते हुए कहा: सरकार भले ही हमारे धैर्य की परीक्षा ले रही हो, लेकिन यह टेंट में घुसा पानी हमारे संकल्प की आग को और भड़का रहा है। गैरसैंण हमारा अधिकार है, और इसे हम इस प्रकृति और इस बहरी सरकार से छीन कर रहेंगे।

मुख्य संयोजक पूर्व IAS विनोद प्रसाद रतूड़ी के रणनीतिक मार्गदर्शन में चल रहे इस आंदोलन में आज का दृश्य हृदयविदारक लेकिन प्रेरणादायी था।

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*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
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