देहरादून/ऋषिकेश, 23 अप्रैल 2026। भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए स्नातक चिकित्सकों से सहानुभूति, सत्यनिष्ठा और राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता के साथ सेवा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह वर्षों की मेहनत का परिणाम होने के साथ समाज के प्रति नई जिम्मेदारी की शुरुआत भी है।
उपराष्ट्रपति ने कोविड-19 महामारी के दौरान भारत के व्यापक टीकाकरण अभियान और “वैक्सीन मैत्री” पहल का उल्लेख करते हुए इसे वैश्विक मानवता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता बताया। उन्होंने एम्स ऋषिकेश की टेलीमेडिसिन, हेली एम्बुलेंस सेवा और ड्रोन के माध्यम से दवा वितरण जैसी पहलों की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में स्वास्थ्य एवं बुनियादी ढांचे के विकास की भी प्रशंसा की।राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि.) ने युवा चिकित्सकों से पर्वतीय क्षेत्रों की स्वास्थ्य चुनौतियों को अवसर में बदलते हुए दूरस्थ क्षेत्रों में सेवा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि चिकित्सा पेशा संवेदनशीलता, नैतिकता और विश्वास पर आधारित है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि चिकित्सा क्षेत्र मानवता की सेवा का सर्वोच्च माध्यम है। उन्होंने बताया कि एम्स ऋषिकेश में कैंसर उपचार, न्यूरोसर्जरी, रोबोटिक सर्जरी सहित अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं और ऊधमसिंह नगर में सैटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य जारी है। राज्य सरकार सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज, टेलीमेडिसिन नेटवर्क और सस्ती दवाओं की उपलब्धता पर कार्य कर रही है।
केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने भी डॉक्टरों से नैतिकता, संवाद और निरंतर सीखने की भावना बनाए रखने का आह्वान किया। समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सहित अनेक जनप्रतिनिधि, एम्स प्रशासन, संकाय सदस्य और छात्र उपस्थित रहे।




