लोहाजंग, चमोली । 22 मई । विश्व प्रसिद्ध मां नंदा देवी राजजात यात्रा मार्ग एवं रूपकुंड ट्रैक के प्रमुख बेसकैंप लोहाजंग में आज नेचुरलिस्ट प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ किया गया। उत्तराखंड पर्यटन विभाग, पर्यटन एवं आतिथ्य कौशल परिषद (THSC) तथा समर्पित मीडिया सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में क्षेत्र के युवाओं, जनप्रतिनिधियों एवं ग्राम प्रधानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का आयोजन पर्वतीय क्षेत्रों के युवाओं, महिलाओं और स्थानीय समुदाय को पर्यटन, प्रकृति संरक्षण और स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से किया गया है। लोहाजंग और आसपास के गांवों से आए प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण के पहले दिन प्रकृति, पर्यटन और स्थानीय संस्कृति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड ग्रामीण बैंक, मुंडोली के शाखा प्रबंधक श्री नितिन सैनी एवं बाजार संघ अध्यक्ष श्री प्रद्युम्न पुजारी रहे। इस अवसर पर सहकारी समिति के अध्यक्ष श्री गब्बर सिंह, गोल्ज्यू देवता के पुजारी श्री जयवीर सिंह पंचोली भी उपस्थित रहे।
विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तराखंड पर्यटन विभाग की अतिरिक्त निदेशक श्रीमती पूनम चंद उपस्थित रहीं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार ट्रैकिंग मार्गों पर विशेष रूप से गढ़वाल क्षेत्र में “छानियों” के विकास, ट्रेक मार्गों के अंतिम गांवों में ट्रैकिंग एवं ट्रैक्शन सेंटर विकसित करने तथा युवाओं एवं स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को इन गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों के लिए सरकारी भूमि की पहचान और उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय युवाओं को पर्यटन आधारित स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों में इस प्रकार के कौशल विकास कार्यक्रम स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए रास्ते खोल रहे हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को जिम्मेदार, प्रशिक्षित और प्रकृति के प्रति संवेदनशील नेचुरलिस्ट बनने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत को विश्व स्तर तक पहुंचाने में स्थानीय युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि नेचुरलिस्ट प्रशिक्षण केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि प्रकृति और संस्कृति के संरक्षण का भी सशक्त अभियान है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि क्षेत्र के कई ग्राम प्रधान स्वयं प्रशिक्षणार्थी के रूप में शामिल हुए। ग्राम प्रधान श्री लखपत सिंह दानू, ग्राम पिनाऊ के ग्राम प्रधान हीरा दानू तथा ग्राम प्रधान लोहाजंग ने प्रशिक्षण में प्रतिभाग कर युवाओं को प्रेरित किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में हरीश चंद्र, गंगा पाटवाल, देवेंद्र सिंह आदि प्रतिभागी भी मौजूद रहे और उन्होंने प्रशिक्षण के प्रति उत्साह व्यक्त किया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को जैव विविधता, हिमालयी वनस्पति एवं जीव-जंतुओं की जानकारी, ट्रैकिंग मार्ग, पर्यटक व्यवहार, प्राथमिक चिकित्सा, स्थानीय इतिहास, लोक संस्कृति एवं संचार कौशल जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा।
लोहाजंग, जो कि विश्व प्रसिद्ध रूपकुंड ट्रैक और मां नंदा देवी राजजात यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है, अब पर्यटन आधारित कौशल विकास गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों और प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के युवाओं के लिए एक नई उम्मीद बताया।
कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला और प्रतिभागियों ने इसे अपने भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बताया।




