टिहरी गढ़वाल जिला चिकित्सालय बौराड़ी स्थित आयुर्वेदिक चिकित्सालय में आयुर्वेद, पंचकर्म, योग एवं संतुलित जीवनशैली के समन्वित उपचार से मुखपाक (Stomatitis) से पीड़ित महिला को राहत मिली है। राखी करीब एक वर्ष से मुंह में दर्दनाक छालों, जलन और दर्द से परेशान थीं। विभिन्न उपचारों के बावजूद अपेक्षित लाभ नहीं मिलने पर उन्होंने आयुर्वेदिक चिकित्सालय में उपचार कराया।
वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. सिद्धि मिश्रा के निर्देशन में उन्हें आयुर्वेदिक औषधियों के साथ गंडूष, नाड़ी शोधन प्राणायाम तथा आहार-विहार में सुधार की सलाह दी गई। करीब एक माह के नियमित उपचार के बाद छालों, दर्द और जलन में उल्लेखनीय कमी आई और अब वह सामान्य रूप से भोजन कर पा रही हैं।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि अत्यधिक तीखा, खट्टा, नमकीन व गरिष्ठ भोजन, तनाव, पाचन संबंधी विकार और आयरन की कमी मुखपाक के प्रमुख कारण हो सकते हैं। उन्होंने रोगियों को संतुलित आहार लेने तथा तीखे-खट्टे खाद्य पदार्थों और धूम्रपान से परहेज करने की सलाह दी।
आयुर्वेदिक उपचार से मुखपाक रोग में मिली राहत

*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन
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