जयंती पर शहीद श्रीदेव सुमन को शत शत नमन

Govind Pundir
2 Min Read
खबर को सुनें

गोविंद पुन्डीर 

गढ़ निनाद न्यूज़।

नई टिहरी, 25 मई 2020।

आज ही के दिन महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्रीदेव सुमन जी का जन्म् प्रखंड चम्बा के जौल गांव में 25 मई 1916 को हुआ था। वे 1930 में 14 साल की उम्र में ही गांधी जी के नमक सत्याग्रह आंदोलन में कूद पड़े थे। जिसके लिए उन्हे जेल जाना पड़ा। 

उसके बाद उन्होंने टिहरी रियासत की सामंतशाही नीतियों के विरोध में आंदोलन किया। 1940 में राजा की नीतियों का विरोध करने पर उन्हें जेल भेजा गया। उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किये गये जिस पर सुमन ने आमरण-अनशन शुरू कर दिया। 

श्रीदेव सुमन का कहना था कि “मैं अपने शरीर के कण-कण को नष्ट हो जाने दूंगा लेकिन टिहरी रियासत के नागरिक अधिकारों को कुचलने नहीं दूंगा”। सुमन की इस बात पर राजा ने दरबार और प्रजामण्डल के बीच सम्मान जनक समझौता कराने का संधि प्रस्ताव भी भेजा। लेकिन राजा के दरबारियों ने उसे खारिज कर इनके पीछे पुलिस और गुप्तचर लगवा दिये।

बाद में यह झूठी अफवाह फैला दी कि श्रीदेव सुमन ने अनशन समाप्त कर दिया है और 4 अगस्त को महाराजा के जन्मदिन पर इन्हें रिहा कर दिया जायेगा। 

उधर अनशन से सुमन की हालत बिगड़ती चली गई और जेल के अत्याचार भी बढ़ते चले गए। जेल के कर्मियों ने यह प्रचारित करवा दिया कि सुमन को न्यूमोनिया हो गया है, लेकिन इन्हें कुनैन के इन्ट्रावेनस इन्जेक्शन लगाये गये। जिससे इनके पूरे शरीर में पानी की कमी हो गयी। 

20 जुलाई की रात से उन्हें बेहोशी आने लगी और 25 जुलाई 1944 को शाम करीब 4 बजे इस अमर सेनानी ने अपनी मातृभूमि, अपने देश और अपने आदर्शों के लिये अपने प्राणों की आहुति दे दी। शत शत नमन।

Share This Article
Follow:
*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
error: Content is protected !!