Ad image

नई टिहरी (11) मिनी स्विट्जरलैंड… *वाह हिमालय ओम नमः शिवाय**

Govind Pundir
3 Min Read
Please click to share News

खबर को सुनें

विक्रम बिष्ट

नई टिहरी। उम्मीद है, पर्यटक नई टिहरी से हिमालय पर्वत श्रृंखला के हिम शिखरों का मनोहारी दृश्य का भरपूर आनंद ले रहे होंगे। आधार शिविरों में सुस्ताने के बाद! आधार शिविरों से प्रातः प्रार्थनाओं, दिनभर भजन, कीर्तन एवं सांय आरती की स्वर लहरियों से संपूर्ण नई टिहरी एवं झील क्षेत्र परमानंद मय होता है। किसी को यह अनुभूति नहीं हो रही है तो बेचारे ये सुविधाएं उपलब्ध करवाने वाले क्या करें ?

नई टिहरी में आच्छादित सीवेज प्रणाली की पर्याप्त सुगंध है और वाणिज्यिक विकास का विस्तृत स्वरूप भी विद्यमान है। लोग खूब व्यापार करके लाभ कमा रहे हैं। और क्या चाहिए ? 

शान-शौकत वाले दो होटलों के लिए जगह आरक्षित की गई थी। ढाई दशक की अवधि में तो बन ही गए होंगे। चिन्हित करने में कठिनाई हो रही है, तो कोशिश जारी रखें! हो सकता है जगह आरक्षित करने वाले साहब के बाद जो दूसरे साहब आए होंगे उनको वह जगह पसंद न आई हो और कहीं और बने हों। आपको दिक्कत है तो आप अपनी मनपसंद जगह ढूंढ लीजिए!

वैसे शान-शौकत वाली एक विशाल निर्मित है, लेकिन टॉप के साहब ने 1 दिन किसी बंदे को बताया था कि वह खास किस्म के सरकारी मेहमानों के पुनर्वास के लिए बनाई गई है। जाहिर है कि भविष्य में एक भव्य दर्शनीय स्थल की संभावना मौजूद है। सुना है इसके पट खुलाई की रस्म नैनीताल में होनी है। 

शीतकालीन खेलों के विकास के ढांचे के मामले में यह अद्वितीय नगर है। यह तो आप मांगेंगे ही। यह हम नहीं बता रहे हैं बनाने वालों की किताब में लिखा है। कुछ और भी लापता है जो नहीं लिखा है, वह यहां लिख लेते हैं । टिहरी में खेल प्रेमियों की बहुत बड़ी संख्या थी । जब बौराड़ी स्टेडियम का निर्माण हो रहा था तो  स्वर्गीय गजेंद्र असवाल आदि खिलाड़ी और खेल प्रेमियों ने पुनर्वास के अफसर के सामने स्टेडियम की जमीन पर छेड़छाड़ पर आपत्ति जताई । 

अफसर तो अफसर ठहरा तुरंत क्रीडा विज्ञान के हवाले से जवाब दिया। यहां कोई राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय खेल थोड़े होने हैं । यह निर्माता की भविष्यवाणी थी । हमारे नेता इसके मुरीद रहे हैं। आप यह गुत्थी सुलझाएं कि क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी की राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय टीमों के खिलाड़ियों की संख्या में कितना अंतर होता है। कल तक जवाब दे सकते हैं। इंतजार जारी…


Please click to share News
Share This Article
Follow:
*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
error: Content is protected !!