छात्र-छात्राओं को उद्यमिता और स्टार्टअप के प्रति किया जागरूक

Garhninad Desk
2 Min Read
खबर को सुनें

रुद्रप्रयाग 31 जनवरी। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अगस्त्यमुनि, रूद्रप्रयाग में  देवभूमि उद्यमिता योजना के दो दिवसीय बूट कैंप के समापन के अवसर पर  कार्यक्रम के दूसरे दिन का आरंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ दलीप सिंह बिष्ट के उद्बोधन से हुआ। उन्होंने छात्र-छात्राओं को उद्यमिता और स्टार्टअप के प्रति जागरूक किया।

विषय विशेषज्ञ डॉ. जगमोहन रावत ने देवभूमि में उद्यमिता को बढ़ाने के लिए विभिन्न विषयों जैसे मल्टी कल्चर फार्मिंग, फसलों की अच्छी देखभाल, अच्छे नर्सरी सेंटर, विभिन्न उत्पादों की गुणवत्ता में वृद्धि करना, डायरेक्ट मार्केटिंग- उत्पादक का उपभोक्ता से सीधा संबंध, संरक्षित खेती, ऑफ सीजन कल्टिवेशन, कान्ट्रैक्ट फार्मिंग, होम स्टे बनाना, विभिन्न प्रकार की फसलों का उत्पादन ऑर्गेनिक विलेज बनाना,  उत्पादों की ब्रांडिंग, ऑयल एक्सट्रैक्ट, लैंड स्कैपिंग,, बीजों का उत्पादन, मल्टीपल गार्डेनिंग, सेरी कल्चर, जी.आई. टैग,डेरी फार्म, लोकल प्लांट जैसे काफल, बुरांश से विभिन्न उत्पाद बनाना व बिना मिट्टी की खेती आदि विषयों को विस्तार पूर्वक बताया।

मुख्य वक्ता सुमित कुमार मिश्रा देवभूमि उद्यमिता के विषय में वीडियो के माध्यम से विस्तार पूर्वक समझाया। व्यवसाय और उद्योग के महत्व को छात्र-छात्राओं को बताते हुए समय का सदुपयोग उद्योग व व्यवसाय में करें इस विषय पर विस्तार पूर्वक जानकारी दी।  व्यावसायिक उद्योग के प्रचार -प्रसार के लिए  कम्युनिकेशन बहुत महत्वपूर्ण  होता है। इस अवसर छात्राओं में से शिवानी बीए प्रथम सेमेस्टर,विवेक बीए तृतीय वर्ष,अजय कुमार बीएससी तृतीय वर्ष , गणेश गोस्वामी बीए प्रथम सेमेस्टर, शिवानी बीकॉम प्रथम सेमेस्टर ने विभिन्न व्यवसाय से संबंधित अपने विचार रखे।
कार्यक्रम का संचालन उद्यमिता विकास   समिति के संयोजक डॉ. विष्णु कुमार शर्मा द्वारा किया गया उन्होंने कहा कि आज के युग में  सरकारी नौकरियां सीमित हैं इसलिए हमें समय के अनुरूप उद्यमिता की ओर जाना ही होगा जिससे हम आत्मनिर्भर हो सकें। इस अवसर पर इस डॉ.पूनम भूषण, डॉ अंजना,डॉ.निधि छावड़ा डॉ. जितेंद्र  सिंह, डॉ वीरेंद्र प्रसाद,डॉ. राजेश कुमार, डॉ.ममता भट्ट डॉक्टर चंद्रकला नेगी,डॉ. मनीषा डोभाल,डॉ. अनुज कुमार,एनएसएस स्वयंसेवी, रोमन रेंजर्स एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

Share This Article
error: Content is protected !!