Ad image

राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन

Govind Pundir
2 Min Read
Please click to share News

खबर को सुनें

रुद्रप्रयाग 22 मार्च। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अगस्त्यमुनि, रूद्रप्रयाग में भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन एवं राज्य परियोजना प्रबंधन नमामि गंगे देहरादून के अंतर्गत “गंगा स्वच्छता पखवाड़ा” 2024 के अंतर्गत कार्यक्रमों की श्रृंखला में सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं गंगा आरती कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ दिलीप सिंह बिष्ट ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा नमामि गंगे भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण परियोजना है जिसका मुख्य उद्देश्य गंगा नदी को प्रदूषण मुक्त करना तथा उसे पुनर्जीवित करना है। महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ लक्ष्मी दत्त गार्गी ने कहा कि हमें अपने आसपास के जल स्रोतों को स्वच्छ रखने का प्रयास करना चाहिए तथा नदी नालों, गाड गदेरों में किसी भी प्रकार का कूड़ा कचरा और प्लास्टिक नहीं फेंकना चाहिए साथ ही साथ अन्य लोगों को भी नदी नालों की स्वच्छता के प्रति जागरूक करना चाहिए। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में छात्र-छात्राओं द्वारा गढ़वाली लोक नृत्य, लोकगीत, एकल गीत एवं स्वरचित कविता की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गई।

कार्यक्रम के अंत में नमामि गंगे की नोडल अधिकारी डॉ ममता भट्ट ने समस्त प्राध्यापको एवं छात्र-छात्राओं का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ जितेंद्र सिंह द्वारा किया गया इस अवसर पर नमामि गंगे समिति के सदस्य डॉ राजेश कुमार, डॉ तनुजा मौर्य, डॉ कनिका बड़वाल, डॉ सोनी आर्य, डॉ संदीप शर्मा एवं प्राध्यापक डॉ पूनम भूषण, डॉ सीताराम नैथानी, डॉ ममता शर्मा डॉ शिव प्रसाद पुरोहित, डॉ नवीन चंद खंडूरी, डॉ विष्णु कुमार शर्मा, डॉ अंजना, डॉ निधि छाबड़ा, डॉ दीप्ति राणा, डॉ चंद्रकला नेगी, डॉ अनुज चौधरी, डॉ कृष्ण राणा, डॉ मनीषा सिंह, डॉ सुखपाल सिंह रौतेला, डॉ शशि बाला पंवार, डॉ अंचल रावत, जयवर्धन चौहान, दीपिका कुंवर, महाविद्यालय के कर्मचारी गीता एवं शर्मिला तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


Please click to share News
Share This Article
Follow:
*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
error: Content is protected !!