आईसीएफआरई देहरादून में “बीज और नर्सरी प्रौद्योगिकी में प्रगति” पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

Garhninad Desk
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देहरादून 26 सितंबर 2024। आईसीएफआरई-वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून में “बीज और नर्सरी प्रौद्योगिकी में प्रगति” पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम वन संवर्धन एवं प्रबंधन प्रभाग द्वारा पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF & CC), नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बीज और नर्सरी प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों और उन्नतियों पर जागरूकता बढ़ाना था।

उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि डॉ. रेणु सिंह, निदेशक, वन अनुसंधान संस्थान, ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए वानिकी वृक्षों के बीज और नर्सरी प्रौद्योगिकी में प्रशिक्षण और विकास की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम के तकनीकी सत्रों में विभिन्न वैज्ञानिकों ने विषय से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर व्याख्यान दिए।

डॉ. देवेंद्र कुमार ने बीज संग्रह, प्रसंस्करण और पौध गुणवत्ता मूल्यांकन पर प्रकाश डाला, जबकि डॉ. विनोद कैरों ने पौध उत्पादन और नर्सरी प्रबंधन के आर्थिक पक्ष पर चर्चा की। डॉ. मनीषा थपलियाल ने नर्सरी प्रबंधन और आधुनिक नर्सरी की संरचना पर जानकारी दी, और डॉ. अरविंद कुमार ने नर्सरी कीटों और उनके प्रबंधन पर व्याख्यान दिया। अन्य विशेषज्ञों ने नर्सरी रोगों, औषधीय पौधों के प्रसार, और वीएएम (वेसिकुलर अर्बस्क्यूलर माइकोराइजा) के उपयोग पर अपने अनुभव साझा किए।

प्रशिक्षण के दौरान, प्रतिभागियों को कुकरेती नर्सरी और केवीके, विकासनगर का दौरा कराया गया। कुकरेती नर्सरी के मालिक श्री अशोक कुकरेती ने ग्राफ्टिंग द्वारा तैयार किए गए पौधों की जानकारी दी और नर्सरी की आर्थिकी पर प्रकाश डाला। इसके अलावा, केवीके के प्रभारी प्रो. ए.के. शर्मा ने चारे के पेड़ों और उनकी विशेषताओं पर जानकारी दी।

समापन समारोह में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और 1 किलोग्राम वीएएम पैकेट वितरित किए गए। डॉ. मनीषा थपलियाल ने धन्यवाद ज्ञापन दिया, और डॉ. देवेंद्र कुमार ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया।

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