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प्रकृति और पर्यावरण की चिंता ही उत्तराखंड के भविष्य की सुरक्षा– डॉ. दुर्गेश आचार्य

Govind Pundir
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धराली (उत्तरकाशी) और थराली (चमोली) की आपदाएं बनी चेतावनी — विकास के साथ प्रकृति का संतुलन ज़रूरी

नई टिहरी, 8 अक्टूबर (न्यूज़ ब्यूरो):
उत्तराखंड को अब स्वयं का विकास मॉडल तैयार कर देश के सामने प्रस्तुत करना होगा — ऐसा मॉडल जो हिमालय, गंगा और पर्यावरण संरक्षण की भावना को समेटे हुए हो। यह विचार राष्ट्रीय संत डॉ. दुर्गेश आचार्य ने न्यू टिहरी प्रेस क्लब में आयोजित अभिनंदन समारोह में व्यक्त किए।

उन्होंने कहा कि हमारे राज्य में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, कमी है तो केवल सही दिशा और सामूहिक प्रयास की। “हमें ऐसे विकास की आवश्यकता है जो प्रकृति से सामंजस्य बिठाकर आगे बढ़े। हिमालय और गंगा केवल हमारी पहचान नहीं, बल्कि जीवन के आधार हैं,” उन्होंने कहा।

डॉ. आचार्य ने हाल ही में उत्तरकाशी जिले के धराली और चमोली जिले के थराली में आई भीषण आपदाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि “धराली में बादल फटने और भूस्खलन से हुई भारी तबाही तथा थराली में बाढ़ की विनाशलीला ने हमें यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि हम प्रकृति से कितनी दूरी बना चुके हैं। यदि हमने अब भी चेतना नहीं दिखाई तो आने वाले वर्षों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।”

उन्होंने 2013 की आपदा को याद करते हुए कहा कि “उसके बाद भी राज्य हर वर्ष किसी न किसी प्राकृतिक त्रासदी का सामना कर रहा है। यह समय है जब सरकार, विशेषज्ञ और आम जनता मिलकर आत्ममंथन करें कि आखिर कहाँ चूक हो रही है। विकास तभी सार्थक है जब वह प्रकृति के अनुरूप हो।”

इस अवसर पर गंगा विश्व सद्भावना समिति के अध्यक्ष राकेश राणा ने कहा कि उत्तराखंड का अस्तित्व गंगा और हिमालय से जुड़ा है। हमें अपने पहाड़ों, नदियों और वनों की रक्षा के लिए सामूहिक जिम्मेदारी निभानी होगी।

कार्यक्रम में प्रेस क्लब अध्यक्ष शशिभूषण भट्ट, महामंत्री गोविंद पुंडीर, कोषाध्यक्ष धनपाल गुनसोला, विजन रागड़, गोविंद बिष्ट, कृष्णा मिश्रा और अनीता थपलियाल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

समारोह के अंत में सभी उपस्थित जनों ने यह संकल्प लिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, स्वच्छता और जल-संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य करेंगे, ताकि उत्तराखंड न केवल देवभूमि बल्कि पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणादायी भूमि के रूप में भी पहचाना जाए।


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*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
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