हनुमत द्वादश नाम स्तुति के पाठ से दूर होते हैं भय और मिलती है सफलता — स्वामी रसिक महाराज

Govind Pundir
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रायवाला, 01 अप्रैल। गुरुवार को पूरे देश में भगवान हनुमान का जन्मोत्सव हनुमान जयंती के रूप में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज ने बताया कि धर्मग्रंथों में हनुमानजी के 12 दिव्य नामों का विशेष महत्व बताया गया है, जिनका नियमित पाठ करने से व्यक्ति के जीवन के सभी भय दूर होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
उन्होंने बताया कि गीता प्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित ग्रंथों के अनुसार, जो व्यक्ति रात्रि में सोने से पहले, सुबह उठने पर या यात्रा शुरू करने से पहले इन 12 नामों का स्मरण करता है, उसे जीवन में सफलता, साहस और विजय प्राप्त होती है।
हनुमत द्वादश नाम स्तुति
हनुमानअंजनीसूनुर्वायुपुत्रो महाबल:।
रामेष्ट: फाल्गुनसख: पिंगाक्षोअमितविक्रम:।।
उदधिक्रमणश्चेव सीताशोकविनाशन:।
लक्ष्मणप्राणदाता च दशग्रीवस्य दर्पहा।।
एवं द्वादश नामानि कपीन्द्रस्य महात्मन:।
स्वापकाले प्रबोधे च यात्राकाले च य: पठेत्।।
तस्य सर्वभयं नास्ति रणे च विजयी भवेत्।
राजद्वारे गह्वरे च भयं नास्ति कदाचन।।
हनुमानजी के 12 नाम और उनका महत्व
हनुमान – इंद्र के वज्र से ठोड़ी (हनु) पर प्रहार के कारण यह नाम पड़ा।
अंजनीसुत – माता अंजनी के पुत्र होने के कारण।
वायुपुत्र – पवनदेव के पुत्र होने के कारण।
महाबल – अद्भुत शक्ति और पराक्रम के प्रतीक।
रामेष्ट – भगवान राम के परम प्रिय भक्त।
फाल्गुनसखा – अर्जुन के मित्र और सहायक।
पिंगाक्ष – भूरी आंखों वाले।
अमितविक्रम – असीम पराक्रम के धनी।
उदधिक्रमण – समुद्र लांघने वाले।
सीताशोकविनाशन – माता सीता के दुःख को दूर करने वाले।
लक्ष्मणप्राणदाता – लक्ष्मण को संजीवनी देकर जीवनदान देने वाले।
दशग्रीवदर्पहा – रावण के अहंकार को नष्ट करने वाले।

स्वामी रसिक महाराज ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि हनुमान जयंती के पावन अवसर पर इस स्तुति का पाठ कर अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, साहस और सफलता का संचार करें।

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*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
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