टिहरी गढ़वाल । रामलीला के नवें दिन भव्य आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे पूर्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने दीप प्रज्ज्वलित कर नवें दिन की रामलीला का शुभारंभ किया। समिति की ओर से सभी अतिथियों को भगवान श्री राम नाम का अंग वस्त्र और मोमेंटो भेंट कर स्वागत किया गया।
इस मौके पर डॉ हरक सिंह रावत ने कहा कि रामलीला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाली सांस्कृतिक पाठशाला है। उन्होंने कहा कि भगवान राम के आदर्शों, त्याग, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा को अपने जीवन में उतारना ही ऐसे आयोजनों का वास्तविक उद्देश्य है।
अपने संबोधन में डॉ. रावत ने जीवन और मृत्यु के शाश्वत सत्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जीवन अनिश्चित है, जबकि मृत्यु अटल सत्य है। ऐसे सांस्कृतिक मंच हमें नैतिकता और अनैतिकता के बीच का अंतर समझाते हैं तथा समाज को सही मार्ग दिखाने का कार्य करते हैं।
डॉ हरक सिंह रावत ने वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा और कोरोना महामारी के दौरान अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में मानवीय संवेदनाओं और आपसी रिश्तों की अहमियत सबसे अधिक होती है। संकट के समय समाज की एकजुटता ही सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरती है।
डॉ. रावत ने रामायण की गिलहरी का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे गिलहरी ने रामसेतु निर्माण में अपना छोटा सा योगदान दिया था, उसी प्रकार प्रत्येक व्यक्ति को समाज और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने सभी लोगों से उत्तराखंड के विकास और देवभूमि की समृद्धि के लिए सकारात्मक योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विधायक विक्रम सिंह नेगी, नगर पालिका परिषद टिहरी के अध्यक्ष मोहन सिंह रावत, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुरारी लाल खंडवाल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता राकेश राणा, गुरु प्रसाद भट्ट, वीरेंद्र चौहान, विजय चौहान सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का माहौल धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक सरोकारों से ओतप्रोत रहा, जहां उपस्थित लोगों ने रामलीला के माध्यम से भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर समिति के संयोजक डॉ. राकेश भूषण गोदियाल, संरक्षक मोहन सिंह रावत (अध्यक्ष, नगर पालिका), कमल सिंह महर, महावीर उनियाल, देशभूषण जोशी, महासचिव अमित पंत, मनोज शाह, त्रिलोक चंद्र रमोला, राजेन्द्र असवाल, राकेश मोहन भट्ट, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राकेश लांबा, उपाध्यक्ष भगवान चंद रमोला, मनोज राय, सुषमा उनियाल, रचना उनियाल, जशोदा नेगी, सभासद उर्मिला राणा, निर्देशक अनुराग पंत, सचिव गंगा भगत नेगी, नन्दू वाल्मीकि, सीताराम भट्ट, भवानी भाई, अनुसूया नौटियाल, सीमा पंत, हरीश गिरी, कमल सिंह महर, अनुज पंत, हरीश घिल्डियाल, जयेंद्र पांडे, शिवम गिरी, मनीष पंत, गोविन्द सिंह पुंडीर, अंकित पांडे, अंजलि गिरी, अंजलि विश्वकर्मा, परिधि पंत, शंकर सैनी, अनिका पंत, कल्पना पांडे, ममता पंत, गबर तथा सूरज गिरी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एवं श्रद्धालु भी मौजूद रहे।
रामलीला में मंच का संचालन समिति के संरक्षक और कुशल वक्ता श्री सतीश थपलियाल ने किया।




