टिहरी गढ़वाल, 30 मई। माननीय उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जनपद न्यायाधीश श्री नितिन शर्मा के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टिहरी गढ़वाल के सचिव श्री दयाराम ने शुक्रवार को बौराड़ी स्थित SOS चिल्ड्रन विलेज का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान संस्थान में बच्चों के आवास, भोजन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया गया। पाया गया कि संस्थान में बालक एवं बालिकाओं के लिए पृथक-पृथक आवासीय भवनों की व्यवस्था है। वर्तमान में यहां 14 बालिकाएं और 24 बालक सहित कुल 38 बच्चे निवास कर रहे हैं।
संस्थान के इंचार्ज श्री शशांक चतुर्वेदी ने बताया कि जिला बाल कल्याण समिति के आदेशानुसार 6 से 12 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को यहां प्रवेश दिया जाता है तथा उनकी देखरेख 21 वर्ष की आयु तक की जाती है। निरीक्षण के दौरान सभी आवासीय कक्ष, रसोईघर, स्नानघर तथा बच्चों के उपयोग में आने वाले कपड़े एवं अन्य सामग्री साफ-सुथरी और व्यवस्थित पाई गई।
बच्चों की दिनचर्या की जानकारी लेते हुए सचिव श्री दयाराम को बताया गया कि प्रतिदिन बच्चों को पौष्टिक नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध कराया जाता है। सभी बच्चे निकटवर्ती विद्यालयों—शिशु मंदिर एवं सरस्वती विद्या मंदिर—में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त बच्चों के मनोरंजन एवं सर्वांगीण विकास के लिए टेलीविजन, कैरम, लूडो, शतरंज सहित अन्य इनडोर खेलों की व्यवस्था भी की गई है।
निरीक्षण के दौरान सचिव श्री दयाराम ने कुछ बच्चों से अलग-अलग एकांत में बातचीत कर उनकी समस्याओं एवं संस्थान में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। बच्चों से किसी प्रकार के दुर्व्यवहार, मारपीट, उत्पीड़न या असुरक्षा की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर सभी बच्चों ने ऐसी किसी भी शिकायत से इंकार किया और संस्थान की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया।
निरीक्षण के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के रिटेनर अधिवक्ता श्री राजपाल सिंह मियां, पैनल अधिवक्ता श्रीमती पवना, अधिकार मित्र श्रीमती रीता तथा SOS चिल्ड्रन विलेज के इंचार्ज श्री शशांक चतुर्वेदी भी उपस्थित रहे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किए गए इस निरीक्षण का उद्देश्य संस्थान में रह रहे बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा, उनकी देखभाल एवं कल्याण संबंधी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करना है।




