टिहरी गढ़वाल, 7 जून। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं “वृक्ष मानव” के नाम से देश-विदेश में ख्याति प्राप्त स्वर्गीय विश्वेश्वर दत्त सकलानी की धर्मपत्नी श्रीमती भगवती देवी सकलानी का रविवार प्रातः लगभग 7 बजे निधन हो गया। वह लगभग 85 वर्ष की थीं। उनके निधन से सकलाना क्षेत्र सहित पूरे टिहरी जनपद में शोक की लहर व्याप्त है।
परिजनों के अनुसार श्रीमती सकलानी का उपचार पिछले एक माह से पैर में फ्रैक्चर की समस्या के चलते देहरादून स्थित अस्पताल में चल रहा था। उनके पुत्र संतोष स्वरूप सकलानी ने बताया कि रविवार सुबह उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। वह अपने पीछे चार पुत्रों, बहुओं, पोते-पोतियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं।
स्वर्गीय विश्वेश्वर दत्त सकलानी ने जीवनभर पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण को समर्पित रहते हुए लाखों पौधे रोपे और जनजागरण का कार्य किया, जिसके कारण उन्हें “वृक्ष मानव” के नाम से विशेष पहचान मिली। इस सामाजिक और पर्यावरणीय विरासत को आगे बढ़ाने में उनके परिवार की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
श्रीमती भगवती देवी सकलानी का अंतिम संस्कार सोमवार प्रातः ऋषिकेश स्थित पूर्णानंद घाट में राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। शासन के निर्देशानुसार अंतिम संस्कार के दौरान प्रशासन की ओर से उप जिलाधिकारी अथवा तहसीलदार स्तर के अधिकारी की उपस्थिति सुनिश्चित रहेगी।
गौरतलब है कि उत्तराखंड शासन के वर्ष 2011 के शासनादेश के तहत स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की विधवाओं के निधन पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार एवं अनुदान राशि प्रदान किए जाने का प्रावधान है। इसी व्यवस्था के तहत श्रीमती भगवती देवी सकलानी को भी राजकीय सम्मान दिया जाएगा।
“वृक्ष मानव” विश्वेश्वर दत्त सकलानी की धर्मपत्नी भगवती देवी सकलानी का निधन, राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन
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