Ad image

सफलता की कहानी: हर्बल टी व्यवसाय से आत्मनिर्भर बनीं प्रियंका बिष्ट

Govind Pundir
4 Min Read
Please click to share News

खबर को सुनें

हर्बल टी से बदली जिंदगी, प्रियंका बिष्ट बनीं गांव की प्रेरणा

टिहरी गढ़वाल, 11 जुलाई 2026 । टिहरी गढ़वाल के विकासखंड थौलधार के धरवाल गांव की रहने वाली प्रियंका बिष्ट ने यह साबित कर दिया है कि यदि महिलाओं को सही मार्गदर्शन, अवसर और वित्तीय सहयोग मिले तो वे न केवल आत्मनिर्भर बन सकती हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकती हैं।

कुछ समय पहले तक प्रियंका का जीवन घर, खेती और पशुपालन तक ही सीमित था। परिवार की आय भी सीमित थी और स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी नहीं थी। वर्ष 2024 में उन्होंने ‘वेदावी स्वयं सहायता समूह’ से अपने जीवन की नई शुरुआत की। समूह की बैठकों में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के माध्यम से उन्हें स्वरोजगार की विभिन्न संभावनाओं की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने हर्बल टी निर्माण को अपने व्यवसाय के रूप में चुना।

व्यवसाय शुरू करने के लिए उन्हें स्वयं सहायता समूह तथा उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (USRLM) के माध्यम से वित्तीय सहयोग प्राप्त हुआ। रिवॉल्विंग फंड, सामुदायिक निवेश निधि (CIF) और बैंक ऋण की सहायता से उन्होंने अपना उद्यम स्थापित किया। शुरुआती संघर्ष के बाद उनकी मेहनत रंग लाई और आज उनका हर्बल टी व्यवसाय लगातार आगे बढ़ रहा है। इस व्यवसाय से उनकी वार्षिक आय बढ़कर 6.40 लाख रुपये प्रतिवर्ष तक पहुंच गई है और वर्तमान में उनका उद्यम लगभग 800 किलोग्राम हर्बल टी का उत्पादन कर रहा है। आर्थिक सशक्तीकरण के साथ-साथ उनके परिवार की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में भी उल्लेखनीय सुधार आया है तथा वे परिवार के महत्वपूर्ण निर्णयों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

प्रियंका की सफलता केवल उनके परिवार तक सीमित नहीं रही। आज वे अपने क्षेत्र में “हर्बल टी वाली दीदी” और “लखपति दीदी” के नाम से जानी जाती हैं। उन्होंने 20 से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार से जोड़ने और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया है।

प्रियंका बिष्ट की यह यात्रा बताती है कि स्वयं सहायता समूह और ग्रामीण आजीविका मिशन जैसी योजनाएं केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे ग्रामीण महिलाओं को आत्मविश्वास, सम्मान और नई पहचान भी प्रदान कर रही हैं।

डीआरडीए परियोजना निदेशक ज्योति ने कहा कि उत्तराखंड सरकार महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाकर महिलाओं को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ा जा रहा है। प्रियंका बिष्ट जैसी सफल महिलाएं इस बात का उदाहरण हैं कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर जीवन में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। मैं जनपद की सभी महिलाओं से अपील करती हूँ कि वे सरकार की विभिन्न आजीविका योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। जिला प्रशासन प्रत्येक इच्छुक महिला को योजनाओं से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

अंतः प्रियंका की कहानी उत्तराखंड की उन हजारों महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो अपने सपनों को साकार करने की इच्छा रखती हैं। सही दिशा, निरंतर प्रयास और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से कोई भी महिला आत्मनिर्भरता की नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकती है।


Please click to share News
Share This Article
Follow:
*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
error: Content is protected !!