SOS चिल्ड्रन विलेज बौराड़ी में विधिक जागरूकता शिविर, आवासीय भवनों का निरीक्षण कर बच्चों से की अलग-अलग बातचीत
टिहरी गढ़वाल 29 अक्टूबर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, टिहरी गढ़वाल की ओर से गुरुवार को SOS चिल्ड्रन विलेज बौराड़ी में ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में बच्चों को बाल यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट), 2012, व्यक्तिगत सुरक्षा और उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली के निर्देशों तथा उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर की अध्यक्षता अपर जनपद न्यायाधीश नसीम अहमद ने की। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव दयाराम ने शिविर के संचालन में सहयोग किया।
अपर जनपद न्यायाधीश नसीम अहमद ने बच्चों को गुड टच-बैड टच के बारे में समझाते हुए कहा कि उन्हें अपने शरीर की सुरक्षा और व्यक्तिगत सीमाओं के प्रति जागरूक रहना चाहिए। किसी भी तरह के अनुचित व्यवहार की स्थिति में चुप रहने के बजाय किसी भरोसेमंद व्यक्ति को इसकी जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी भी दी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव दयाराम ने बच्चों और संस्थान के कर्मचारियों को जरूरी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चाइल्ड हेल्पलाइन के लिए 1098, साइबर अपराध की शिकायत के लिए 1930, आपातकालीन सहायता के लिए 112 और निःशुल्क कानूनी सहायता के लिए 15100 पर संपर्क किया जा सकता है।
शिविर के दौरान अधिकारियों ने SOS चिल्ड्रन विलेज के आवासीय भवनों में कमरों, रसोई और बाथरूम का निरीक्षण भी किया। इसके साथ ही बच्चों से अलग-अलग और एकांत में बातचीत कर संस्थान में उनके साथ होने वाले व्यवहार की जानकारी ली गई। प्राधिकरण के अनुसार, बच्चों ने किसी कर्मचारी, अधिकारी या शिक्षक की ओर से दुर्व्यवहार, मारपीट अथवा उत्पीड़न किए जाने से इनकार किया।
कार्यक्रम में रिटेनर अधिवक्ता राजपाल सिंह मियां, SOS चिल्ड्रन विलेज बौराड़ी के प्रबंधक शशांक चतुर्वेदी तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पराविधिक स्वयंसेवी उपस्थित रहे।




