टिहरी गढ़वाल 20 अगस्त। जगतगुरु शंकराचार्य ब्रह्मलीन स्वामी माधव आश्रम जी महाराज की पुण्य स्मृति में प्रस्तावित अष्टोत्तरसत (108) श्रीमद्भागवत महापुराण को लेकर अष्टोत्तरसत लोक मंगल समिति की पंचम बैठक गुरुवार को होटल भरत मंगलम, बौराड़ी में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता राज्य मंत्री एवं समिति के अध्यक्ष खेम सिंह चौहान ने की।
बैठक में कार्यक्रम को भव्य एवं ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए सभी धार्मिक संगठनों को एक मंच पर संगठित होकर सहयोग करने पर सहमति बनी। समिति ने निर्णय लिया कि आयोजन का समय कम होने के कारण तैयारियों में तेजी लाई जाए। इसके तहत यथाशीघ्र होर्डिंग तैयार करने, निमंत्रण पत्र प्रकाशित कराने, रसीद बुक तैयार करने तथा आयोजन से संबंधित विभिन्न जिम्मेदारियां सदस्यों को सौंपने का निर्णय लिया गया।
कार्यक्रम संयोजक पंडित राजेंद्र प्रसाद चमोली ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में जगतगुरु शंकराचार्य की पुण्य स्मृति में इतने विराट धार्मिक आयोजन का अवसर सभी श्रद्धालुओं के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने सभी धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों से आयोजन को सफल बनाने के लिए तन-मन-धन से सहयोग करने का आह्वान किया।
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने आयोजन को लेकर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। समिति की ओर से अगली बैठक 10 सितंबर 2026 को सायं 4 बजे रामलीला भवन/शुभलग्न बारात घर, नई टिहरी में आयोजित करने का निर्णय लिया गया। बैठक में कार्यक्रम की आगामी तैयारियों की समीक्षा के साथ शेष जिम्मेदारियां भी सौंपी जाएंगी।
बैठक में कार्यक्रम संयोजक पंडित राजेंद्र प्रसाद चमोली, त्रिलोक चंद्र रमोला, भगवान चंद्र रमोला, सीताराम भट्ट, किशोरी लाल चमोली, विनोद उनियाल, विजय डोभाल, जनार्दन ध्यानी, सुशील कुमार कोटनाला, केदार सिंह पंवार, सूरत सिंह राणा, गोविंद पुंडीर, संजय डौंडियाल, आनंद सिंह टोपवाल, कुलदीप पंवार, नरोत्तम जखमोला, देवेंद्र नौडियाल, डॉ. उम्मेद सिंह नेगी सहित समिति के सदस्य एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
कार्यक्रम संयोजक ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया—“प्रभु काज का बुलावा है, आपको आना ही होगा। अपने घर का काम समझकर इस महायज्ञ को निभाना होगा।”




