टिहरी गढ़वाल 25 अगस्त। टिहरी में मेडिकल कॉलेज निर्माण की मांग को लेकर संयुक्त संघर्ष समिति के शिष्ट मंडल, स्थानीय विधायक किशोर उपाध्याय, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बीच सोमवार को हुई वार्ता के बाद भी गतिरोध बरकरार है। वार्ता से असंतुष्ट आंदोलनकारियों ने सोमवार को देर रात कोर कमेटी की बैठक कर आंदोलन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।
समिति की ओर से वरिष्ठ पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता श्री महिपाल नेगी ने आज धरना स्थल पर पत्रकार वार्ता में जानकारी देते हुए कहा कि आगामी 1 सितंबर से समिति ने क्रमिक अनशन शुरू करने का निर्णय लिया है। आज मंगलवार को समिति की ओर से जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा गया है।
नेगी ने मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि बैठक में न तो स्वास्थ्य मंत्री मौजूद थे, न टीएचडीसी का कोई जिम्मेदार अधिकारी और न ही स्वास्थ्य विभाग का कोई वरिष्ठ अधिकारी। ऐसे में मेडिकल कॉलेज से सीधे जुड़े प्रमुख स्टेकहोल्डर्स की गैरमौजूदगी में हुई बैठक से ठोस निर्णय कैसे संभव है, इस पर समिति ने नाराजगी जताई है।
संघर्ष समिति का कहना है कि मुख्यमंत्री ने वार्ता के दौरान पूर्व घोषणा के अनुसार टिहरी में ही मेडिकल कॉलेज बनाए जाने का आश्वासन दिया, लेकिन बैठक में संबंधित विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों की अनुपस्थिति और लिखित आश्वासन अथवा बैठक के मिनट्स नहीं दिए जाने से आंदोलनकारियों की नाराजगी दूर नहीं हुई।
सरकार के दोहरे रुख पर उठाए सवाल
संघर्ष समिति ने सरकार के कथित विरोधाभासी रुख पर भी सवाल उठाए हैं। समिति के अनुसार मुख्यमंत्री का कहना है कि स्थानीय विधायक किशोर उपाध्याय जहां चाहते हैं, वहीं मेडिकल कॉलेज बनाया जाएगा। वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य मंत्री अपने सरकारी आवास पर स्वास्थ्य विभाग की बैठक करते हैं, लेकिन उसमें टिहरी मेडिकल कॉलेज का उल्लेख तक नहीं होता। समिति ने सवाल किया कि जब मुख्यमंत्री टिहरी में मेडिकल कॉलेज बनाने की बात कह रहे हैं तो स्वास्थ्य विभाग की बैठक में इसका जिक्र क्यों नहीं है?
श्री महिपाल नेगी ने कहा कि समिति की दो प्रमुख मांगें हैं—पूर्व घोषणा के अनुरूप टिहरी में ही मेडिकल कॉलेज का निर्माण कराया जाए और नई भूमि के प्रस्ताव मांगने की प्रक्रिया तत्काल रोकी जाए।
पत्रकार वार्ता में समिति के संयोजक डॉ. राकेश भूषण गोदियाल ने बताया कि मुख्यमंत्री से मेडिकल कॉलेज के मुद्दे पर विस्तार से वार्ता हुई। मुख्यमंत्री ने पूर्व घोषणा के अनुसार टिहरी में मेडिकल कॉलेज निर्माण का भरोसा दिलाया, लेकिन वार्ता के दौरान शासन स्तर से लिखित में कुछ नहीं दिया गया, अगर 31 अगस्त तक मेडिकल कॉलेज निर्माण का शासनादेश जारी नहीं होता तो 1 सितम्बर से क्रमिक अनशन शुरू कर दिया जाएगा।
आज रामलीला समिति की ओर से धरना दिया जा रहा है। रामलीला समिति द्वारा झांकी निकाली जाएगी और यह संदेश दिया जाएगा कि 14 वर्ष के वनवास के बाद श्री राम जी को राजपाठ मिल गया था लेकिन हमें 2012 से मेडिकल कॉलेज नहीं मिला।




