टिहरी गढ़वाल 25 अगस्त। टिहरी मेडिकल कॉलेज निर्माण को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच टिहरी मेडिकल कॉलेज निर्माण संयुक्त संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर 31 अगस्त तक मेडिकल कॉलेज की स्थापना को लेकर स्पष्ट एवं अंतिम शासनादेश जारी करने का अल्टीमेटम दे दिया है।
समिति ने चेतावनी दी है कि तय समय तक ठोस निर्णय नहीं हुआ तो 1 सितंबर से क्रमिक अनशन, धरना-प्रदर्शन, चक्का जाम समेत अन्य लोकतांत्रिक आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे। पत्र में कहा गया है कि नई टिहरी में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग क्षेत्र की जनता लंबे समय से करती आ रही है। इसी क्रम में 24 अगस्त को संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मेडिकल कॉलेज की स्थापना का मुद्दा उठाया था। समिति के अनुसार, वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री की ओर से पूर्व में की गई घोषणा तथा टिहरी विधायक के प्रस्ताव के अनुरूप टिहरी में ही मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाने का मौखिक आश्वासन दिया गया।
हालांकि समिति का कहना है कि इसके विपरीत स्वास्थ्य मंत्री की ओर से मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए जिलाधिकारी टिहरी से अन्य भूमि चयन का प्रस्ताव मांगा जा रहा है। इस कार्रवाई से क्षेत्र की जनता में भ्रम और असमंजस की स्थिति पैदा हो रही है तथा पूर्व में किए गए आश्वासन के विपरीत स्थिति बनती दिखाई दे रही है।
संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मेडिकल कॉलेज को टिहरी से बाहर स्थापित करने अथवा अन्य भूमि चयन से संबंधित किसी भी कार्रवाई को तत्काल रोका जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि मेडिकल कॉलेज की स्थापना नई टिहरी में ही की जाएगी।
पत्र में संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया है कि यदि 31 अगस्त 2026 तक टिहरी में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के संबंध में स्पष्ट, ठोस और अंतिम निर्णय लेते हुए आवश्यक शासनादेश जारी नहीं किया जाता है, तो समिति 1 सितंबर से क्रमिक अनशन, धरना-प्रदर्शन, चक्का जाम सहित अन्य लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगी। समिति ने आंदोलन से उत्पन्न होने वाली किसी भी परिस्थिति की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होने की बात कही है।
समिति ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि क्षेत्र की जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग की गंभीरता को देखते हुए 31 अगस्त तक स्पष्ट निर्णय लेकर आवश्यक शासनादेश जारी किया जाए, ताकि जनता को आंदोलन के लिए मजबूर न होना पड़े।




