ऋषिकेश, 8 सितंबर। श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के पं. ललित मोहन शर्मा परिसर, ऋषिकेश में अखिल भारतीय शिक्षा समागम (ABSS)-2026 के तहत अनुसंधान, नवाचार एवं स्टार्टअप प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े शोध कार्य, मॉडल, प्रोटोटाइप, तकनीकी समाधान और स्टार्टअप आइडिया प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम का शुभारंभ परिसर निदेशक प्रो. एम.एस. रावत ने किया। उन्होंने कहा कि शोध को केवल ज्ञान सृजन तक सीमित न रखकर उसे नवाचार, उद्यमिता और सामाजिक उपयोगिता से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने विचारों को पेटेंट, प्रोटोटाइप, इनक्यूबेशन और स्टार्टअप के रूप में आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम संयोजक एवं सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन एंटरप्रेन्योरशिप एंड इनक्यूबेशन की निदेशक प्रो. अनीता तोमर ने कहा कि अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता उच्च शिक्षा के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि NEP-2020 भी रचनात्मकता, अनुसंधान, कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर देती है। प्रदर्शनी का उद्देश्य विद्यार्थियों के विचारों को समाजोपयोगी समाधान और संभावित स्टार्टअप में बदलने के लिए मंच उपलब्ध कराना है।
कुलपति प्रो. अम्बरीश कुमार महाजन ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों में ऐसा वातावरण विकसित होना चाहिए, जहां विद्यार्थियों में जिज्ञासा, वैज्ञानिक सोच, प्रयोग और उद्यमिता की भावना विकसित हो। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार और नए अवसर सृजित करने की दिशा में प्रेरित करते हैं।
लेडीबर्ड बीटल्स टीम ने जीता प्रथम पुरस्कार
प्रदर्शनी में प्रथम पुरस्कार प्राणी विज्ञान विभाग की “लेडीबर्ड बीटल्स” टीम ने हासिल किया। टीम में शोधार्थी श्रुति नौटियाल, मनीषा आर्या, पूजा भट्ट और संदीप कुमार शामिल रहे। टीम ने जैविक कीट नियंत्रण के लिए शिकारी लेडीबर्ड बीटल्स के व्यावसायिक उत्पादन और विपणन की अवधारणा प्रस्तुत की। इसे रासायनिक कीटनाशकों के उपयोग को कम करने और पर्यावरण अनुकूल कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया।
द्वितीय पुरस्कार एमए तृतीय सेमेस्टर की सलोनी बिष्ट और बीसीए तृतीय सेमेस्टर के आलोक चंद्र को क्ले मॉडलिंग कार्य के लिए दिया गया। तृतीय पुरस्कार सुकन्या झा (बीएससी तृतीय सेमेस्टर) और अभिषेक धनौला (बीबीए प्रथम सेमेस्टर) को संयुक्त रूप से उनके सॉफ्टवेयर एवं ऐप आधारित प्रोजेक्ट्स के लिए प्रदान किया गया।
रिसर्च स्टडीज के निदेशक प्रो. अहमद परवेज ने लेडीबर्ड बीटल सहित अन्य नवाचारों को औद्योगिक स्तर पर विकसित किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रदर्शनी में शिक्षा, तकनीक, पर्यावरण, कृषि, स्वास्थ्य, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, पर्यटन और सामाजिक नवाचार सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रोजेक्ट आकर्षण का केंद्र रहे। प्रो. कंचन लता सिन्हा, प्रो. वी.पी. श्रीवास्तव, प्रो. हेमलता मिश्रा, प्रो. संगीता मिश्रा सहित शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
डॉ. मनीष एवं देवभूमि उद्यमिता योजना की पूरी टीम ने ABSS–2026 में उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपना स्टॉल लगाया। टीम ने विद्यार्थियों के साथ संवाद कर उन्हें नवाचार, उद्यमिता एवं स्टार्टअप के लिए प्रेरित किया तथा अपने विचारों को व्यावहारिक रूप प्रदान कर उन्हें सफल उद्यम में परिवर्तित करने के लिए मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन दिया। टीम की सक्रिय सहभागिता ने अनुसंधान, नवाचार एवं स्टार्टअप प्रदर्शन को और अधिक सार्थक एवं प्रेरणादायी बनाया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. दिनेश सिंह सहित देवभूमि उद्यमिता टीम और आयोजन समिति का महत्वपूर्ण योगदान रहा। प्रो. अनीता तोमर ने सभी सहयोगियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।




