EDII अहमदाबाद के विशेषज्ञ डॉ. राजत शर्मा ने कहा—समस्या पहचानकर विकसित करें नवाचारी समाधान
ऋषिकेश, 5 अक्टूबर। श्री देव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय के पं. एल.एम.एस. परिसर ऋषिकेश में Centre of Excellence in Entrepreneurship & Incubation की ओर से देवभूमि उद्यमिता योजना (DUY) के तहत NCC कैडेट्स के लिए विशेष ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 94 NCC कैडेट्स ने प्रतिभाग कर उद्यमिता, नवाचार, स्टार्टअप और स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी ली।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता Entrepreneurship Development Institute of India (EDII), अहमदाबाद के उद्यमिता विशेषज्ञ डॉ. राजत शर्मा ने विद्यार्थियों को अपने विचारों को अवसरों और व्यावहारिक उद्यम में बदलने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सफल उद्यमिता की शुरुआत किसी समस्या को पहचानने और समाज की जरूरत के अनुरूप उसके व्यावहारिक एवं नवाचारी समाधान से होती है। उन्होंने बाजार की समझ, ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण, निरंतर प्रयास और असफलताओं से सीखने को उद्यम की सफलता के महत्वपूर्ण आधार बताया।
पं. एल.एम.एस. परिसर के निदेशक प्रो. एम.एस. रावत ने कहा कि विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी केवल विद्यार्थियों को रोजगार के लिए तैयार करना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार सृजक और नवप्रवर्तक बनाने का वातावरण उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने NCC कैडेट्स से DUY के माध्यम से उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया।
Centre of Excellence in Entrepreneurship & Incubation की निदेशक एवं DUY की नोडल अधिकारी प्रो. अनीता तोमर ने कहा कि विद्यार्थियों की रचनात्मकता और नवाचार को उचित मंच, प्रशिक्षण, मेंटरशिप एवं संस्थागत सहयोग देकर व्यवहार्य उद्यमों में बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि NCC कैडेट्स में अनुशासन, नेतृत्व, टीम भावना, जिम्मेदारी और आत्मविश्वास जैसे गुण पहले से विकसित होते हैं, जो एक सफल उद्यमी के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण हैं।
DUY के फैकल्टी मेंटर प्रो. डी.के. तिवारी ने विद्यार्थियों को योजना के तहत उपलब्ध विशेषज्ञ मेंटरशिप, प्रशिक्षण, रेजिडेंशियल बूटकैम्प, Entrepreneurship Development Programme (EDP) और संस्थागत सहयोग की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से आगामी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने और अपने नवाचारी विचारों को स्टार्टअप के रूप में विकसित करने की संभावनाएं तलाशने को कहा।
कार्यक्रम का संचालन DUY की फैकल्टी मेंटर डॉ. शालिनी रावत ने किया। इस दौरान विद्यार्थियों को रेजिडेंशियल बूटकैम्प, EDP, विशेषज्ञ मेंटरशिप तथा चयनित उत्कृष्ट व्यावसायिक विचारों के लिए एक लाख रुपये तक की सीड फंड सहायता सहित विभिन्न अवसरों की जानकारी दी गई।
अंत में आयोजित संवाद सत्र में NCC कैडेट्स ने उद्यमिता विशेषज्ञ एवं फैकल्टी मेंटर्स से अपने सवाल पूछे और अपने विचारों को लेकर मार्गदर्शन प्राप्त किया। विद्यार्थियों ने DUY के आगामी बूटकैम्प एवं EDP में भाग लेने के प्रति उत्साह जताया।
कार्यक्रम ने NCC कैडेट्स को यह संदेश दिया कि अनुशासन, नेतृत्व और टीमवर्क को नवाचार से जोड़कर युवा न केवल रोजगार पाने वाले, बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी भी बन सकते हैं।




