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बडी खबर: गार्ड बने मैनेजर साहब, इतनी होगी सैलरी

Garhninad Desk
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नई दिल्ली। रेलवे बोर्ड (Railway board) ने नए साल में रेलवे गार्ड को बड़ा तोहफा दिया है। गार्ड अब मैनेजर साहब यानी ट्रेन मैनेजर कहलाएंगे। बोर्ड ने कहा कि रेलवे गार्ड शब्द सम्मान सूचक नहीं था। दरअसल नवंबर 2021 में रेलवे बोर्ड ने इसको लेकर अपनी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी थी। रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में सभी जोन के जीएम को लेटर जारी कर दिया है।

इस फैसले के बाद देशभर में रेलवे में काम कर रहे गार्ड अब ट्रेन मैनेजर कहलाएंगे, गाड़ियों के हिसाब से पदों का नाम तय हुआ है। यानी असिस्टेंट गार्ड अब असिस्टेंट पैसेंजर ट्रेन मैनेजर कहलाएंगे। इनका ग्रेड पे और लेवल Rs 1900, PB-1, L-2 है।  गुड्स गार्ड अब गुड्स ट्रेन मैनेजर कहलाएंगे। इनका ग्रेड पे और लेवल Rs 2800, PB-2, L-5 है। सीनियर गुड्स गार्ड अब सीनियर गुड्स ट्रेन मैनेजर कहलाएंगे। इनका ग्रेड पे और लेवल Rs 4200, PB-2, L-6 है। सीनियर पैसेंजर गार्ड अब सीनियर पैसेंजर ट्रेन मैनेजर कहलाएंगे। इनका ग्रेड पे और लेवल Rs 4200, PB-2, L-6 है।

मेल/एक्सप्रेस गार्ड अब मेल/एक्सप्रेस ट्रेन मैनेजर कहलाएंगे। इनका ग्रेड पे और लेवल भी Rs 4200, PB-2, L-6 है।

रेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पद का नाम बदलने से वेतनमान में कोई बदलाव नहीं होगा। भर्ती का तरीका, वरिष्ठता और पदोन्नति को लेकर लिए जाने वाले फैसले से पहले की तरह रहेंगे। उनमें कोई भी बदलाव नहीं होगा। 

आदेश में कहा गया है, संशोधित पदनाम उनके वेतन स्तर, भर्ती की पद्धति, मौजूदा कर्तव्यों और जिम्मेदारियों, वरिष्ठता और पदोन्नति के रास्ते में कोई बदलाव नहीं करेंगे।

1853 में मुंबई से ठाणे के बीच शुरू हुई थी ट्रेन सेवा

आपको बता दें कि वर्ष 1853 में मुंबई से ठाणे के बीच पहली ट्रेन सेवा शुरू हुई थी। तब ब्रिटिश हुकूमत ने रेलवे गार्ड पदनाम दिया था । ट्रेन के सबसे पिछले डिब्बे में मौजूद रेलवे कर्मचारी को ट्रेन गार्ड नाम से पुकारा जाता था। ट्रेन में बैठे हजारों रेल यात्रियों की सुरक्षा और सलामती की जिम्मेदारी एक तरह से उस ट्रेन में मौजूद गार्ड पर होती है। अब इस पद को ट्रेन मैनेजर नाम से नवाजा गया है।


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