शिव कथा श्रवण से प्राणी का मंगल – रसिक महाराज

Garhninad Desk
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चंडीगढ़। सिद्ध बाबा बालकनाथ मंदिर मलोया  में मंदिर के 43 वें वार्षिकोत्सव के उपलक्ष्य में श्री शिव महापुराण की कथा, प्रवचन व रुद्राभिषेक का समागम जारी है। कथा वाचक नृसिंह वाटिका आश्रम हरिद्वार के परमाध्यक्ष नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक जी महाराज ने बताया कि शिव महापुराण की कथा जीव के पूर्व जन्मों के समस्त पापों को दूर करके शिव कृपा का मार्ग प्रशस्त करती है। भगवान शिव की कथा से शरीर, वाणी, मन द्वारा किए गए पाप धुल जाते हैं। कलयुग में शिव कथा के समान कोई भी कल्याणकारी मार्ग सरल नहीं है। शिव का अर्थ है कल्याण, शांति, अविनाशी और प्रकाशमान। शिव उपासक को सांसारिक बंधन बांधकर नहीं रख सकते। महादेव हमेशा अपने भक्तों की रक्षा करते हैं। शिव पूजन से समस्त देवताओं के पूजन का फल मिलता है। शिव पुराण भगवान शिव की वाणी है सर्वप्रथम स्वयं भगवान शिव ने शिव कथा सनत कुमार जी को तथा सनत कुमार ने वेदव्यास जी को शिव पुराण का ज्ञान दिया था। व्यास जी ने सृष्टि के कल्याण के लिए विस्तार पूर्वक इसका वर्णन किया। शिव पुराण की कथा मोक्ष देने वाली है जैसे की समस्त नदियों में गंगा जी सर्वोपरि है ऐसे समस्त पुराण में से शिव पुराण की कथा परम मंगलकारी है।

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