श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय में CRISPR-Cas और बायोइनफॉर्मेटिक्स पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला प्रारंभ

Garhninad Desk
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ऋषिकेश, 30 अप्रैल 2025 । पं. ललित मोहन शर्मा परिसर, ऋषिकेश के मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी विभाग में उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकास्ट) और डीएनए लैब्स, देहरादून के सहयोग से “CRISPR-Cas एवं बायोइनफॉर्मेटिक्स एप्लीकेशन्स इन रिसर्च थैरेपी: माइक्रोबायल जेनेटिक मैनिपुलेशन” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला व हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग का शुभारंभ हुआ।

मुख्य अतिथि एम्स ऋषिकेश की प्रो. अनीशा आतिफ मिर्जा ने शोध में नवाचार, रुचि और इच्छाशक्ति की भूमिका पर प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि स्पैक्स संस्था के सचिव डॉ. बृजमोहन शर्मा ने विद्यार्थियों में नवाचार और उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करने वाली कार्यशालाओं की आवश्यकता को रेखांकित किया।

कार्यशाला का आयोजन MLT, माइक्रोबायोलॉजी विभाग, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ और IQAC के तत्वावधान में किया गया है। विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. गुलशन कुमार ढींगरा ने बताया कि डीएनए लैब्स के सहयोग से परिसर में यह पांचवीं कार्यशाला है, जिसमें देशभर से 90 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं।

डीएनए लैब्स के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नरोत्तम शर्मा ने बायोइनफॉर्मेटिक्स और CRISPR तकनीक की विस्तृत जानकारी दी। तकनीकी सहायक जगजीत सिंह, ऋतिक डोगरा और दर्शन अंबिगा ने प्रयोगात्मक प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रतिभागियों ने जीन एडिटिंग, ऑटोमेटेड न्यूक्लिक एसिड एक्सट्रैक्शन, एंडपॉइंट पीसीआर, और एगरोज जेल इलेक्ट्रोफोरेसिस की तकनीकों में प्रशिक्षण लिया।

यूकास्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने कार्यशाला की सराहना करते हुए छात्रों में वैज्ञानिक रुचि को बढ़ाने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता जताई। कुलपति प्रो. एन.के. जोशी ने कार्यशाला को शोधार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी बताया।

कार्यक्रम में प्रो. एस.पी. सती, प्रो. अहमद परवेज, प्रो. सुरमान आर्य, डॉ. प्रीति खंडूरी सहित विश्वविद्यालय के अनेक प्राध्यापक और विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

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