टिहरी झील को ग्लोबल पर्यटन स्थल बनाने की दिशा में मुख्य सचिव के महत्वपूर्ण निर्देश

देहरादून, 16 फरवरी। मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने टिहरी झील को वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
सचिवालय में आज आयोजित उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की बैठक में उन्होंने टिहरी लेक प्रोजेक्ट के तहत सतत, समावेशी तथा जलवायु-अनुकूल पर्यटन विकास योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।
श्री बर्द्धन ने सचिव पर्यटन को निर्देश दिए कि टिहरी झील एवं उसके समीपवर्ती क्षेत्रों को पर्यटन दृष्टि से विकसित करने तथा अवस्थापना सुविधाओं के विकास से पूर्व विस्तृत मास्टर प्लान तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि टिहरी लेक को ग्लोबल डेस्टिनेशन बनाने से संबंधित प्रस्ताव भारत सरकार को भेजे जाने वाले मास्टर प्लान में शामिल हो। अनुभवी कंसल्टेंट की नियुक्ति कर पर्यटन विभाग अपनी कार्ययोजना इसी दिशा में तैयार करे।
मुख्य सचिव ने टिहरी लेक के चारों ओर रिंग रोड निर्माण की कार्ययोजना में तेजी लाने तथा प्रस्तावित सी-प्लान योजना के साथ रिंग रोड पर कम से कम दो हेलीपैड बनाने के निर्देश भी जारी किए। सभी संबंधित विभागों से समन्वय कर योजनाओं को शीघ्र आगे बढ़ाने पर जोर दिया। लोक निर्माण विभाग को रिंग रोड कार्यों में गति लाने के आदेश देते हुए उन्होंने कहा कि इससे अन्य अवस्थापना सुविधाओं का विकास भी तेजी से होगा, जिससे टिहरी झील को विश्वस्तरीय पहचान मिल सकेगी।
इसके अलावा, मुख्य सचिव ने ऋषिकेश मुनि की रेती तथा लोहाघाट (चम्पावत) के पर्यटन विकास से जुड़े योजनाओं के प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि सभी प्रस्ताव मास्टर प्लान के साथ समयबद्ध रूप से केंद्र सरकार को प्रेषित किए जा सकें।
बैठक में सचिव श्री दिलीप जावलकर, श्री श्रीधर बाबू अद्दांकी, अपर सचिव श्री अभिषेक रोहेला, श्री गिरधारी सिंह रावत एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



