ब्रह्मभोज के साथ श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ का हुआ सम्पन्न

रिपोर्ट @ सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’।
टिहरी गढ़वाल 5 मार्च 2026। चम्बा के हड़म डंडासली में 27 फरवरी से गतिमान सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ का आज प्रसाद वितरण तथा विशाल ब्रह्मभोज के साथ समापन हुआ। व्यास पीठ पर आसीन राष्ट्रीय संत डॉक्टर दुर्गेशाचार्य ने अंतिम दिवस श्रीमद्भागवत गीता के शास्त्रानुसार अनेक प्रसंग सुनाते हुए भागवत के महत्व पर प्रकाश डाला। कहा कि जो अन्याय का विरोध नहीं करता वह पापी है। उन्होंने गौ माता के दर्शन को समस्त देवों के दर्शन करने के बराबर माना। कथा के अंतिम चरण में कहा कि गौ माता आ गई तो भागवत भी संपन्न हो गई।

प्रयागराज में गंगा नदी के महत्व के बारे में बताया कि एक खराब साठ करोड़ देवता प्रयागराज में स्नान के लिए आते हैं। गंगा मां के समान कोई तीर्थ नहीं। भागवत कथा, हरि नाम का चिंतन, तुलसी की पूजा और गौ माता की सेवा पुण्य फलदाई है।
विदित है कि बनवारी लाल कोठारी और कृष्णा कोठारी ने अपने माता स्व. कमलादेवी, पिता स्व. मंगलानंद कोठारी और स्व.रतनमणी कोठारी की आत्म-शांति हेतु श्रीमद्भागवत ज्ञान कथा यज्ञ का आयोजन कराया। यज्ञ को सुव्यस्थित संपन्न कराने में कोठारी बंधुओं,परिवारजन पवन कोठारी, विष्णु कोठारी, मोहित महेश गणेश कोठारी, नीरज यश नितेश कोठारी आदि का बड़ा योगदान रहा।
ज्ञान कथा के अंतिम दिवस आचार्य दुर्गेश ने यह भी बताया कि संस्कृति और समाज को समझने के लिए आज हमारे जनप्रतिनिधि समर्पित हैं जिनमें पूर्व कैबिनेट मंत्री दिनेश धनाई भी एक हैं। भागवत के बहाने महान पुरुषों के भी दर्शन हो जाते हैं और विद्वानों के चरण भी पंडाल में पड़ जाते हैं। डॉक्टर दुर्गेश ने शास्त्रानुसार अनुष्ठानपूर्वक कथा का समापन किया। तथा आचार्य मंडली, दूर दराज से आए हुए कोठारी बांधवों, नाते- रिश्तेदारों जिन्होंने तन मन धन से यज्ञ में समर्पित भाव से कार्य किया, उनका आभार प्रकट किया।
समापन अवसर पर बड़ी संख्या में चंबा, नई टिहरी, देहरादून और स्थानीय गांव से सैकड़ो लोग ब्रह्म भोज में सम्मिलित हुए। पूर्व कैबिनेट मंत्री दिनेश धनै, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष सूरज राणा, पीयूष उनियाल, वर्तमान अध्यक्ष शोभनी धनोला, ब्लॉक प्रमुख सुमन सज्वाण,कवि सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’,शशि शेखर सकलानी, सुधीर बहुगुणा, इंद्र सिंह नेगी, कृष्णा सेमवाल, अनिल कोठारी, पंकज बहुगुणा,बलवीर पुंडीर,साब सिंह सज्वाण,सोबन सिंह नेगी, शक्ति जोशी, महेश पैन्यूली,वाचस्पति कोठारी, बृजलाल बहुगुणा, आशीष बहुगुणा, सुखदेव उनियाल सौरभ बहुगुणा आदि उपस्थित थे।



