गैरसैंण: 12वें दिन अनशन निर्णायक मोड़ पर, महिला शक्ति ने दी बड़े संघर्ष की चेतावनी

देहरादून, 19 मार्च 2026। उत्तराखंड के स्वाभिमान की अंतिम रेखा ‘गैरसैंण’ को बचाने के लिए एकता विहार में जारी ‘प्रण से प्राण तक’ अनशन आज 12वें दिन एक ऐसे ‘डेडलॉक’ पर पहुँच गया है, जहाँ से पीछे हटने का रास्ता बंद हो चुका है। आज अनशन की वेदी पर राजीव शर्मा ने मोर्चा संभाला। उनके चेहरे की शांति और संकल्प की दृढ़ता शासन के उन गलियारों को चुनौती दे रही है जहाँ फाइलों में जनता की भावनाओं का दम घोटा जा रहा है।

आज उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) की महिला अध्यक्ष संतोष भंडारी ने आंदोलन स्थल पर पहुँचकर जो ‘विस्फोटक’ तेवर दिखाए, उसने शासन की नींद उड़ा दी है। उन्होंने सीधे शब्दों में सत्ता के मनोविज्ञान पर प्रहार करते हुए कहा कि सरकार हमारी खामोशी को हमारी हार न समझे। यह तूफान से पहले का सन्नाटा है। जिस दिन पहाड़ की महिलाएं चूल्हा छोड़कर सड़कों पर उतर आएंगी, उस दिन सचिवालय की दीवारें नहीं, सत्ता का सिंहासन डोलेगा। मैं आज चेतावनी दे रही हूँ—यदि गैरसैंण पर जल्द फैसला नहीं हुआ, तो बहुत जल्द मैं खुद अनशन की इस अग्नि में अपनी आहुति दूँगी।
अनशन पर बैठे राजीव शर्मा ने व्यवस्था को आईना दिखाते हुए कहा: हम यहाँ राजनीति करने नहीं, अपनी जड़ों को बचाने आए हैं। मेरा यह अनशन सत्ता के उस अंधेपन के विरुद्ध है जो देहरादून की चकाचौंध में पहाड़ के दर्द को भूल चुका है।
बाल आयोग सदस्य शैलेंद्र शेखर करगेती ने तार्किक वार करते हुए कहा कि कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और अब क्षेत्रीय दलों का एक मंच पर आना यह सिद्ध करता है कि गैरसैंण अब केवल एक मांग नहीं, बल्कि उत्तराखंड के पुनर्जन्म का इंजन बन चुका है।



