संविधान के साथ अनशन पर डटे 18 वर्षीय पार्थ रतूड़ी, स्थायी राजधानी तक संघर्ष का ऐलान

Govind Pundir
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देहरादून। उत्तराखंड राज्य गठन के करीब 25 वर्ष बाद भी स्थायी राजधानी के मुद्दे पर जारी असमंजस के खिलाफ अब आंदोलन तेज होता नजर आ रहा है। 18 वर्षीय पत्रकारिता छात्र पार्थ रतूड़ी ने पूर्व आईएएस विनोद प्रसाद रतूड़ी के नेतृत्व में दूसरी बार क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। अनशन की शुरुआत एक प्रतीकात्मक और सशक्त संदेश के साथ हुई, जिसमें दोनों ने हाथ में भारत का संविधान लेकर यह संकल्प लिया कि जब तक स्थायी राजधानी की आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं होती, वे पीछे नहीं हटेंगे।

अनशन स्थल पर माहौल उस समय और गर्म हो गया जब कई पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व मंत्री और वर्तमान कांग्रेस विधायक सहित विभिन्न राजनीतिक दलों एवं सामाजिक संगठनों ने पहुंचकर आंदोलन को खुला समर्थन दिया। इससे राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है। पार्थ रतूड़ी ने अपने संबोधन में भाजपा और कांग्रेस दोनों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पिछले 25 वर्षों से दोनों दलों ने सत्ता बदल-बदलकर जनता को भ्रमित किया है, लेकिन स्थायी राजधानी के मुद्दे को जानबूझकर टालते रहे हैं। उन्होंने इसे “राजनीतिक म्यूजिकल चेयर” करार देते हुए आरोप लगाया कि फैसले जनभावनाओं के बजाय बंद कमरों में लिए जाते हैं।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सर्वोच्च सत्ता जनता की होती है, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में जनप्रतिनिधि खुद को शासक समझने लगे हैं। पार्थ ने संविधान के अनुच्छेद 14 और अनुच्छेद 3 का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य गठन की मूल भावना और समान विकास का अधिकार आज भी अधूरा है, जिसके कारण पहाड़ों में पलायन और वीरानी बढ़ रही है।

आंदोलनकारी छात्र ने ऐतिहासिक उदाहरण देते हुए तंज कसा कि जहाँ शाहजहां ने 22 वर्षों में ताजमहल बनवा दिया, वहीं उत्तराखंड की सरकारें 25 वर्षों में स्थायी राजधानी तक तय नहीं कर पाईं। उन्होंने सरकारों पर योजनाओं और आंकड़ों के जरिए जनता को गुमराह करने का आरोप भी लगाया।अब तक 50 से अधिक धरने-प्रदर्शन कर चुके इस आंदोलन को पार्थ रतूड़ी ने “संवैधानिक संघर्ष” बताते हुए चेतावनी दी कि जब तक राजधानी का स्पष्ट निर्णय नहीं होता, तब तक अनशन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकारें अब भी नहीं जागीं, तो युवा इस आंदोलन को और व्यापक रूप देकर व्यवस्था परिवर्तन तक ले जाने से पीछे नहीं हटेंगे।

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*** संक्षिप्त परिचय / बायोडाटा *** नाम: गोविन्द सिंह पुण्डीर संपादक: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल टिहरी। उत्तराखंड शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार। पत्रकारिता अनुभव: सन 1978 से सतत सक्रिय पत्रकारिता। विशेषता: जनसमस्याओं, सामाजिक सरोकारों, संस्कृति एवं विकास संबंधी मुद्दों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग। योगदान: चार दशकों से अधिक समय से प्रिंट व सोशल मीडिया में निरंतर लेखन एवं संपादन वर्तमान कार्य: गढ़ निनाद न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से डिजिटल पत्रकारिता को नई दिशा प्रदान करना।
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