* डंपिंग जोन की दीवार तोड़कर अनियमित खनन का आरोप, मानसून से पहले कार्रवाई की मांग
टिहरी गढ़वाल। नई टिहरी के सी-ब्लॉक क्षेत्र में कथित अनियमित और अवैध खनन को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। गुरुवार को प्रभावित परिवारों ने जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल से मुलाकात कर मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। लोगों का कहना है कि अवैध खनन के कारण एक आवासीय भवन, सरकारी पार्क और आसपास के कई निजी मकान खतरे की जद में आ गए हैं।
प्रभावितों ने आरोप लगाया कि डंपिंग जोन के लिए बनाई गई सुरक्षा दीवार को तोड़कर जेसीबी मशीनों से भारी मात्रा में खनन किया जा रहा है। इससे भूमि धंसने और भवनों को नुकसान पहुंचने का खतरा लगातार बढ़ रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने एसडीएम टिहरी को तत्काल मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
सी-ब्लॉक भवन संख्या सी-4 टाइप-3 के निवासियों बलबीर सिंह नेगी, विमल नौटियाल, शकुंतला नेगी, रजनी नेगी, कविता राठौर और सविता नेगी समेत अन्य लोगों ने डीएम को दिए ज्ञापन में बताया कि सेक्टर-2 सी-ब्लॉक में कारागार मार्ग के समीप डंपिंग जोन के ऊपर एक भूखंड आवंटित किया गया था। आवंटन की शर्तों में स्पष्ट रूप से उल्लेख था कि डंपिंग जोन की सुरक्षा दीवार को किसी भी स्थिति में क्षतिग्रस्त नहीं किया जाएगा।
आरोप है कि वर्तमान भू-स्वामी द्वारा बिल्डरों की मदद से करीब 15 मीटर लंबी सुरक्षा दीवार तोड़ दी गई और डंपिंग जोन में गहराई तक खुदाई कर दी गई। प्रभावितों का कहना है कि खनन की वजह से उनके भवन का आंगन और उससे लगा सरकारी पार्क क्षतिग्रस्त हो चुका है तथा अधिक भूमि पर कब्जा करने की नीयत से लगातार खुदाई की जा रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, मामले की शिकायत 18 फरवरी से लगातार प्रशासन के समक्ष की जा रही है। प्रशासन की ओर से भवन और आंगन की सुरक्षा के निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन सुरक्षा कार्यों की आड़ में और अधिक खुदाई कर दी गई।
प्रभावित परिवारों ने चेतावनी दी कि यदि मानसून से पहले ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र में बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने खतरे को देखते हुए वैकल्पिक स्थान पर विस्थापन की मांग भी प्रशासन के सामने रखी है।




