रायवाला 5 जून । विश्व पर्यावरण दिवस एवं उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 55वें जन्मदिवस के अवसर पर नृसिंह वाटिका आश्रम में धार्मिक, आध्यात्मिक एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विविध कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संत-महात्माओं, श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम का शुभारम्भ विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वन विभाग की भूमि में भगवान नृसिंह की पवित्र बूटी मानी जाने वाली टिमरू (बज्रदन्ती) के 500 पौधों के सामूहिक वृक्षारोपण से किया गया। उपस्थित संतों एवं श्रद्धालुओं ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।
इसके उपरान्त नृसिंह वाटिका आश्रम में भगवान नृसिंह देव की विशेष पूजा-अर्चना के साथ नृसिंह सहस्रनाम पाठ एवं सुंदरकाण्ड पाठ का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और भक्ति रस से ओत-प्रोत वातावरण में श्रद्धालुओं ने धर्म, राष्ट्र और समाज की उन्नति के लिए प्रार्थना की।
इस अवसर पर दण्डी संन्यासियों का विधिवत पूजन एवं सम्मान भी किया गया। संतों ने अपने आशीर्वचन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है तथा वृक्षारोपण ही आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य प्रदान कर सकता है।
महिला मंडलियों द्वारा भजन-कीर्तन प्रस्तुत कर पूरे आश्रम परिसर को भक्तिमय बना दिया गया। भजनों और संकीर्तन के माध्यम से धर्म, संस्कृति एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर भगवान नृसिंह देव के श्रीचरणों में सवा मणी रोट अर्पित कर काटा गया तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्वस्थ, सुखी, दीर्घायु एवं यशस्वी जीवन की मंगलकामना की गई। उपस्थित श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री द्वारा राष्ट्र, धर्म, गौ-संरक्षण, पर्यावरण एवं जनकल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज सहित अनेक संत-महात्मा, समाजसेवी, महिला मंडलियां एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने पर्यावरण संरक्षण, धार्मिक जागरण एवं सामाजिक एकता का प्रेरणादायी संदेश दिया।




