नई दिल्ली। सनातन धर्म की गरिमा एवं परम्पराओं की रक्षा को लेकर सनातन धर्म विकास परिषद उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष, कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज ने भारत के केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से नई दिल्ली में शिष्टाचार भेंट कर महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।
स्वामी रसिक महाराज ने गृहमंत्री के समक्ष देशभर में स्वयं को शंकराचार्य बताकर धार्मिक भावनाओं को भ्रमित करने वाले तथाकथित एवं फर्जी शंकराचार्यों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि सनातन परम्परा में शंकराचार्य पद अत्यंत सम्मानित एवं मर्यादित है, इसलिए इस पद का अनुचित उपयोग धर्म और समाज दोनों के लिए हानिकारक है।
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय से अनुरोध किया कि ऐसे व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे श्रद्धालुओं में भ्रम की स्थिति समाप्त हो और सनातन धर्म की प्राचीन परम्पराओं की मर्यादा बनी रहे।
गृहमंत्री अमित शाह ने स्वामी रसिक महाराज द्वारा उठाए गए विषय को गंभीरता से सुना तथा धर्म और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर स्वामी रसिक महाराज ने कहा कि सनातन धर्म की परम्पराओं, मठों और पीठों की गरिमा की रक्षा करना हम सभी का दायित्व है तथा धर्म के नाम पर फैलाए जा रहे भ्रम और असत्य के विरुद्ध समाज को जागरूक करना आवश्यक है।
धार्मिक एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक लोगों ने स्वामी रसिक महाराज की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे सनातन परम्पराओं की मर्यादा और धार्मिक व्यवस्था की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।




