टिहरी गढ़वाल। आज प्रातः थाना मुनिकीरेती क्षेत्रांतर्गत तपोवन स्थित साईं घाट पर एक दिल्ली निवासी युवक के गंगा नदी में डूबने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ पोस्ट ढालवाला की टीम आवश्यक रेस्क्यू एवं सर्च उपकरणों के साथ तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई।
घटनास्थल पर पहुंचकर एसडीआरएफ टीम द्वारा स्थानीय पुलिस, प्रत्यक्षदर्शियों एवं परिजनों से जानकारी प्राप्त कर तत्काल सर्च अभियान प्रारंभ किया गया। टीम द्वारा संभावित डूब क्षेत्र सहित आसपास के सभी संभावित स्थानों पर गहन खोजबीन की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दिल्ली से सात युवकों का एक समूह ऋषिकेश भ्रमण हेतु आया हुआ था। आज प्रातः लगभग 08:00 बजे सभी युवक तपोवन क्षेत्र स्थित साईं घाट पर गंगा स्नान के लिए पहुंचे। स्नान के दौरान एक युवक शौर्य नागर पुत्र किशनपाल उम्र 20 साल, पता – बिसरख जलालपुर गौतमबुद्ध नगर उत्तर प्रदेश गंगा नदी में तैरने का प्रयास करने लगा, लेकिन नदी के तेज बहाव एवं गहराई की चपेट में आकर बह गया तथा देखते ही देखते डूब गया।
घटना के बाद उसके साथ मौजूद साथियों द्वारा तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। सूचना प्राप्त होते ही स्थानीय पुलिस एवं एसडीआरएफ टीम घटनास्थल पर पहुंची तथा युवक की तलाश हेतु सर्च अभियान प्रारंभ किया गया।
नदी के तेज बहाव, गहराई एवं घटनास्थल की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए एसडीआरएफ टीम द्वारा सुनियोजित ढंग से सर्च ऑपरेशन संचालित किया जा रहा है। सर्च अभियान के दौरान नदी के किनारों, संभावित बहाव क्षेत्र एवं अन्य संभावित स्थानों पर लगातार खोजबीन की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि एसडीआरएफ टीम पूर्व में डूबे अन्य व्यक्तियों की तलाश में भी लगातार अभियान चला रही है। इनमें यूसुफ बीच क्षेत्र में डूबे राहुल चौहान निवासी दिल्ली, फूलचट्टी क्षेत्र में डूबे शैलेंद्र निवासी ग्वालियर (मध्य प्रदेश) तथा चंद्रेश्वरनगर क्षेत्र में स्नान के दौरान लापता हुए एक दम्पति की खोज भी शामिल है। इन सभी मामलों में आज भी सर्च अभियान जारी रहा, किन्तु अभी तक किसी का भी पता नहीं चल पाया है।
वर्तमान घटना में भी युवक का कोई सुराग प्राप्त नहीं हो पाया है। एसडीआरएफ टीम द्वारा सर्च अभियान लगातार जारी है।
एसडीआरएफ उत्तराखण्ड सभी पर्यटकों, श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों से अपील करती है कि नदी में बिना पर्याप्त जानकारी एवं सुरक्षा के प्रवेश न करें तथा तैरने का प्रयास बिल्कुल न करें। गंगा नदी का बहाव अत्यंत तीव्र एवं अप्रत्याशित हो सकता है। नदी किनारे लगाए गए चेतावनी बोर्डों एवं प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें तथा केवल चिन्हित एवं सुरक्षित स्नान घाटों पर ही स्नान करें।
किसी भी प्रकार की छोटी सी लापरवाही आपके जीवन को गंभीर खतरे में डाल सकती है। आपकी सुरक्षा आपके अपने हाथों में है।
एसडीआरएफ उत्तराखण्ड जनसुरक्षा एवं आपदा राहत कार्यों हेतु सदैव तत्पर एवं प्रतिबद्ध है।




