रायवाला 17 जून । रायवाला बाजार के मध्य स्थित अंग्रेजी शराब के ठेके को लेकर स्थानीय व्यापारियों, महिलाओं एवं आम नागरिकों में लगातार बढ़ते आक्रोश के बीच नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जनहित को ध्यान में रखते हुए शराब के ठेके को शीघ्र अन्यत्र स्थानांतरित नहीं किया गया तो व्यापक जन आंदोलन चलाया जाएगा। इस दौरान राष्ट्रीय नशा उन्मूलन अभियान के महासचिव स्वामी अद्वैतानंद सरस्वती भी मौजूद रहे।
स्वामी रसिक महाराज ने कहा कि बाजार क्षेत्र में संचालित शराब का ठेका सार्वजनिक व्यवस्था, सामाजिक वातावरण एवं महिलाओं की सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर चिंता का विषय बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेके के आसपास अक्सर भीड़भाड़ रहने से स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों एवं व्यापारियों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। बाजार क्षेत्र में स्थित होने के कारण परिवारों और महिलाओं को भी असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को सम्मानजनक एवं सुरक्षित वातावरण में जीवन जीने का अधिकार प्रदान करता है। राज्य सरकार एवं प्रशासन का दायित्व है कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए ऐसे प्रतिष्ठानों का संचालन ऐसी जगहों पर सुनिश्चित करे, जिससे आम जनता के अधिकारों एवं सामाजिक व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
स्वामी रसिक महाराज ने प्रशासन से मांग की कि स्थानीय जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए शराब के ठेके को आबादी एवं मुख्य बाजार क्षेत्र से दूर स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो स्थानीय नागरिकों, व्यापारिक संगठनों एवं सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से उग्र जन आंदोलन प्रारंभ किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन से जनहित में त्वरित निर्णय लेने की मांग करते हुए कहा कि बाजार क्षेत्र की गरिमा एवं सामाजिक वातावरण बनाए रखने के लिए ठेके का स्थानांतरण आवश्यक है।




