ग्राफिक एरा पर्वतीय विश्वविद्यालय का द्वितीय दीक्षांत समारोह, प्रर्यावरणविद जोशी को मानद उपाधि

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8 मार्च * गढ़ निनाद समाचार

  • भारत नौकरी देने वाला देश बने-निशंक
  • 69 छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल
  • गरीब परिवार के बच्चों को आइएएस की ट्रेनिंग देगी सरकार-रावत

देहरादून: देहरादून/गढ़ निनाद समाचार * 11 मार्च 2020।  केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि सिर्फ डिग्री मिलने और नौकरी लगना पर्याप्त नहीं है। दुनिया में परिवर्तन लाकर भारत को विश्व गुरू बनाने की जरूरत है। कहा कि युवाओं को खुद को कम ना आंकते हुए जीवन की दिशाओं को तय करना होगा। जीवन में सपने देखना जरूरी है। सपनों को क्रियान्वित करने के लिये कड़ी मेहनत, इच्छाशक्ति और लगन की जरूरत होती है। 

डॉ० निशंक ने ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिर्टी के दूसरे दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने विभिन्न पाठ्यक्रमों में सवार्धिक अंक पाने वाले 69 छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल से अलंकिृत किया। इस मौके पर जाने माने प्रर्यावरण अनिल प्रकाश जोशी को ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी ने पीएचडी की मानद उपाधि  प्रदान की। ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा कि सिर्फ डिग्री मिलने और नौकरी लगना पर्याप्त नहीं है। जरूरत है दुनिया में परिवर्तन लाकर भारत को विश्व गुरू बनाने की। 

 

डॉ० निशंक ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर मानकों को पूरा करते हुए ग्राफिक एरा उच्च शिक्षा क्षेत्र में लगातार सराहनीय कार्य कर रहा है। कहा कि ग्राफिक एरा की स्थापना से पहले उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्र के छात्र-छात्राओं  को तकनीकी और उच्च शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ता था। ग्राफिक एरा ग्रुप के अध्यक्ष प्रो. (डा.) कमल घनशाला का उल्लेख करते हुए डा. निशंक ने कहा कि सपने देखना ही काफी नहीं है उन्हें पूरा करने के लिये जिस तरह डा. घनशाला ने जी तोड़ मेहनत, जनून और दृढ़ता से कार्य किया है वही जज्बा और लगन जरूरी है। डा. निशंक ने कहा कि देश-विदेश के प्रमुख संस्थानों में ग्राफिक एरा ने जगह बनाई है।

 

दीक्षांत समारोह में 4753 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां दी गई। जहां 69 छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल मिले वहीं 73 छात्र-छात्राओं को सिल्वर और 72 छात्र-छात्राओं को ब्रोंज मेडल से अलंकृत किया गया। 

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ० धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में देश की पहली अटल एकेडमी की स्थापना की जायेगी और गरीब परिवारों के बच्चों को निशुल्क आइएएस परिक्षा की ट्रेनिंग दी जायेगी। 2022 तक उत्तराखण्ड देश को सबसे ज्यादा आइएएस देने वाला राज्य बन जायेगा। ग्राफिक एरा पर्वतीय विश्वविद्याय के चांसलर डा. कमल घनशाला ने पर्वतीय विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके पहले बैच के ही छात्र-छात्राओं ने इनोफोसिस और विप्रो जैसी बहुराष्ट्रीय कम्पनियों में जगह बनाई है। इसके बाद प्लेसमेण्ट की संख्या बढ़ने और पैकेेज ऊंचा होने का सिलसिला जारी है।

डॉ० घनशाला ने कहा कि आज डिग्री लेने वाले अधिकांश छात्र-छात्राएं अगले तीन वर्षों में अमेरिका, ब्रिटेन और कैनेडा जैसे देशों में प्रोफेशनल्स के रूप में अपनी पहचान बना सकते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के आह्वान का उल्लेख करतेेे हुए कहा कि नौकरी पाने की ललक छोड़ कर युवाओं को स्टार्टअप्स शुरू करके दूसरों को नौकरी देने वाला बनना चाहिये। कुलपति प्रो0 (डॉ०) संजय जसोला ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और उपअधिकारियों को शपथ दिलाई। ग्राफिक एरा मैनेजमेण्ट बोर्ड की वरिष्ठ पदाधिकारी श्रीमती राखी घनशाला ने आभार व्यक्त किया।

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